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मिशन निरामया की तैयारी : सीएम योगी ने कहा, नर्सिंग व पैरा मेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़

Fri, 16 Sep 2022 11:05 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 16 Sep 2022 11:05 PM IST
सार

सीएम ने कहा कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थानों में प्रवेश परीक्षा की शुचिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। यहां कक्ष निरीक्षक अन्य संस्थानों से बुलाए जाने चाहिए। परीक्षाओं की सीसीटीवी निगरानी भी की जाए। इस क्षेत्र के अच्छे संस्थानों की बेस्ट प्रैक्ट्सिेज को अन्य संस्थानों में भी लागू किया जाए।

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CM Yogi said, Nursing and para medical staff are the backbone of health and medical system
सीएम आदित्यनाथ योगी - फोटो : Social Media

विस्तार

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ हैं। कोरोना काल में हम सभी ने इनके व्यापक महत्व को देखा-समझा है। इस क्षेत्र में बेहतर कॅरियर की अपार संभावनाएं हैं। वह शुक्रवार को अपने आवास पर इस वर्ग में सेवायोजन संबंधी बैठक में बोल रहे थे।

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सीएम ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नर्सिंग एवं पैरामेडिकल प्रशिक्षण में व्यापक परिवर्तन की आवश्यकता है। इसके लिए ‘मिशन निरामया:’ के शुभारंभ की तैयारी की जाए। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थानों में बेहतर प्रशिक्षण के साथ-साथ बेहतर सेवायोजन के लिए भी सुनियोजित प्रयास किए जाएं। इसके लिए निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित अस्पतालों के साथ संवाद कर नीति तय की जाए। नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं के लिए प्रैक्टिकल नॉलेज बहुत आवश्यक है। इस क्षेत्र में कॅरियर की बेहतर संभावनाओं के बारे में अधिकाधिक युवाओं को जागरूक किए जाने की जरूरत है। इसके लिए माध्यमिक विद्यालयों का सहयोग लिया जाए। चिकित्सा शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग इसके लिए समन्वय के साथ कार्य करें।
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सीएम ने कहा कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थानों में प्रवेश परीक्षा की शुचिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। यहां कक्ष निरीक्षक अन्य संस्थानों से बुलाए जाने चाहिए। परीक्षाओं की सीसीटीवी निगरानी भी की जाए। इस क्षेत्र के अच्छे संस्थानों की बेस्ट प्रैक्ट्सिेज को अन्य संस्थानों में भी लागू किया जाए। इसके लिए मेंटॉर-मेंटी मॉडल को अपनाया जाए। नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को मान्यता दिए जाने में निर्धारित मानकों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। मान्यता तभी दी जानी चाहिए, जब संस्थान में पर्याप्त शिक्षक तथा मानक अवसंरचना उपलब्ध हो। इन संस्थानों में सेवारत शिक्षकों का आधार सत्यापन करते हुए इनका विवरण पोर्टल पर भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, सचिव अमित सिंह आदि मौजूद थे।

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