फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   cm yogi replied in vidhan parishad that encounter will continue in up

मुख्यमंत्री योगी का विपक्ष को दो टूक जवाब, अपराधियों का एनकाउंटर नहीं थमेगा

Fri, 16 Feb 2018 10:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 16 Feb 2018 10:03 AM IST
विज्ञापन
cm yogi replied in vidhan parishad that encounter will continue in up
सदन में प्रवेश करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में बृहस्पतिवार को स्पष्ट कहा कि अपराधियों के एनकाउंटर का सिलसिला थमेगा नहीं। उनकी सरकार आने के बाद अब तक 1200 से अधिक एनकाउंटर हुए हैं। इसमें 40 दुर्दांत अपराधी मारे गए हैं। अगर कोई निर्दोष लोगों को निशाना बनाएगा, महिलाओं से गैंगरेप करेगा, व्यापारियों का अपहरण करेगा तो सरकार ऐसे तत्वों को सख्ती से कुचलेगी।

विज्ञापन


सीएम ने नोएडा की घटना की सीबीआई जांच कराने केविधान परिषद के सभापति के निर्देश को उनके कार्यक्षेत्र से बाहर का बताया। कहा, पुलिस ने उसे कभी एनकाउंटर माना ही नहीं। वह घटना आपसी विवाद में हुई। गोली रिवाल्वर में फंसने के कारण चली थी। घटना में शामिल आरोपियों पर पुलिस ने फौरन कार्रवाई की और दरोगा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
विज्ञापन


एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराने को लेकर सदन में गहमा-गहमी
सीबीआई जांच का सभापति का आदेश नियम विरुद्ध : देवेंद्र
विधान परिषद में 13 फरवरी को सभापति द्वारा नोएडा एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराने के दिए गए निर्देश पर भाजपा के देवेंद्र प्रताप सिंह ने आपत्ति की। कहा, यह नियमों के विरुद्ध है। सीबीआई केंद्रीय जांच एजेंसी है। उसे आदेश देने का अधिकार सभापति को नहीं है। सभापति अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ के निर्णय पर कोई बहस न हो : अहमद हसन
विरोधी दल के नेता अहमद हसन ने कहा कि देवेंद्र प्रताप गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए जाने जाते हैं। पीठ पर जो आक्षेप लगाए गए हैं, वह उचित नहीं है। पीठ के निर्णय पर बहस नहीं होनी चाहिए। वह सरकार को निर्देश दे सकती है। यह सरकार पर निर्भर है कि वे जांच कराएं या नहीं।

तब सीएम बोले- जो हमारे दायरे में नहीं, उस पर आदेश का क्या औचित्य

cm yogi replied in vidhan parishad that encounter will continue in up

सभापति के निर्देश पर नोक-झोंक के बीच सीएम योगी सदन में खड़े हो गए। कहा, सीबीआई राज्य सरकार के अधीन काम नहीं करती। हर संवैधानिक संस्था के अपने कार्यक्षेत्र हैं। हम यूपी विधानमंडल में बैठकर दिल्ली या बिहार के बारे में निर्णय नहीं ले सकते। ऐसा करने पर हंसी के पात्र बनेंगे।

13 फरवरी को पीठ से जिन परिस्थितियों में यह आदेश हुआ, कोई भी कानूनविद या संविधान विशेषज्ञ उस निर्णय के कारण पूरे सदन की गरिमा और मर्यादा को कठघरे में खड़ा करेगा। सवाल यह है कि जो हमारे कार्यक्षेत्र में नहीं है, उस पर बोलने और आदेश देने का औचित्य क्या है?

हिम्मत है तो सभी एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराएं
नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने अभी तक हुए एनकाउंटरों में से ज्यादातर को फर्जी करार देते हुए कहा कि सरकार में हिम्मत है सभी की सीबीआई जांच कराए। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। विधान परिषद के सभापति ने नोएडा, गाजियाबाद और मथुरा के एनकाउंटरों की सीबीआई जांच कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाकी एनकाउंटरों की भी जांच हो जाए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठे व्यक्ति के लिए यह कहना शोभा नहीं देता कि बंदूक का जवाब बंदूक से दिया जाएगा। ये लोकतांत्रिक देश है। सरकार या पुलिस को किसी को जान से मारने का अधिकार नहीं है। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चौधरी ने कहा कि डीजीपी को भी पुलिस पर विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा है कि हमारी सुरक्षा कमांडो करें। डीजीपी, सीएम, डिप्टी सीएम की सुरक्षा कमांडो करेंगे तो हम लोग और जनता कहां जाए।

अभिभाषण पर चर्चा की जानकारी के बावजूद गए चुनावी दौरे पर

cm yogi replied in vidhan parishad that encounter will continue in up
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी - फोटो : amar ujala

विधानसभा में बृहस्पतिवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान चौधरी ने सरकार पर संसदीय परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सदन की मर्यादा की नहीं, वोट की ज्यादा चिंता है। वह जानते थे कि अभिभाषण पर चर्चा होनी है फिर भी चुनावी दौरे पर चले गए। सारे सदस्यों के  बोलने के बाद नेता प्रतिपक्ष को मौका मिला। यह नेता विरोधी दल के पद के सम्मान के साथ खिलवाड़ है।

चौधरी ने कहा कि कानून के जरिये कानून का राज स्थापित करने की बात कहने वालों को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अपराधियों को पकड़ा जाए, जेल भेजा जाए, मुकदमा चलाया जाए, अदालत सजा देगी। अचानक मुठभेड़ हो जाए तो बात अलग है वरना सरकार को किसी की जान लेने का अधिकार नहीं है। सब अपराधी प्रदेश से चले गए तो अपराध कर कौन रहा है?

चौधरी ने कहा कि सरकार हमने भी चलाई है, बसपा, भाजपा के अन्य लोगों व कांग्रेस ने भी चलाई है। सच्चाई यह है कि जब-जब पुलिस को ज्यादा अधिकार दिए, सरकार की ऐसी की तैसी हो गई। डाकू, अपराधी, चोरी, छिनैती, बलात्कार करने वालों को कोई पसंद नहीं करता।

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पुलिस का हाल तो यह है कि पिछले दिनों राजधानी में डकैती पड़ी तो गोली की आवाज सुनकर पुलिस भाग खड़ी हुई। डीजीपी तक का पुलिस पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि एक महीने में लखनऊ में ही 80 से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा देने के दौरान ही उनकी तबियत बिगड़ गई तो उन्होंने भाषण रोक दिया।

रोने व टेंशन के लिए नहीं आए हैं

cm yogi replied in vidhan parishad that encounter will continue in up

चौधरी ने अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थक पंकज सिंह की उस टिप्पणी का जवाब दिया जिसमें उन्होंने उन पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि वह हंसाने के लिए बात कहते हैं। राम गोविंद ने कहा कि हास-परिहास भी सदन का हिस्सा है। वे यहां रोने व 24 घंटे टेंशन में रहने के लिए नहीं आते।

अभिभाषण की त्रुटियों पर भी घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण में त्रुटियों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार त्रुटियों के कारण राज्यपाल अभिभाषण पढ़ना नहीं चाहते थे। पिछली बार भी त्रुटियां थीं, इस बार भी आंकड़े गलत हैं। सरकार अड़ी रही तो पढ़ने आए। यही नहीं राज्यपाल 15 मिनट देर से आए। अभिभाषण के पेज 3 पर बाल गंगाधर तिलक 101वें जन्मदिन पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने की बात कही गई है जबकि आयोजन उनके उद्घोष वाक्य ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।’ के 101 वर्ष पूरे होने के मौके पर था। जुलाई 2017 में उनका 161वां जन्मदिन था। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के जन्मदिन पर श्रद्धासुमन अर्पित किए जाते हैं न कि श्रद्धांजलि दी जाती है। मना रहे थे जन्मदिन दे रहे थे श्रद्धांजलि।

कहां झंझट में फंसा दिया
चौधरी अभिभाषण की त्रुटियों को इंगित कर रहे थे तो मुख्यमंत्री हौले-हौले मुस्करा रहे थे। चौधरी ने मुख्यमंत्री तरफ इशारा करते हुए कहा कि सोच रहे हैं कि कहां झंझट में डाल दिया। बार-बार गलत छप रहा है।

पहली बार नहीं मना यूपी दिवस
राम गोविंद ने कहा कि सरकार यूपी दिवस को लेकर भी पीठ थपथपा रही है। यह पिछले 33 वर्ष से मनाया जा रहा है। मैं और राज्यपाल भी इसमें शामिल हो चुके  हैं। सही यह है कि सरकारी तौर पर पहली बार मनाया गया। उत्तराखंड को यूपी से अलग करने वालों को यूपी दिवस मनाने का अधिकार नहीं है। यूपी दिवस मनाने से गरीबों, किसानों, नौजवानों, खेत-खलिहानों को क्या मिल रहा है ?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed