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सीएम ने 100 एमएमयू व 75 एएलएस का किया लोकार्पण, बताया स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़
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चाभी सैंपते योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ के रूप में एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेस की (एएलएस) बहुत बड़ी भूमिका होने जा रही है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में नेशनल मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) की बहुत बड़ी भूमिका हो सकती है। किसी गरीब के घर, गांव, न्याय पंचायत स्तर तक मोबाइल यूनिट पहुंच जाए और प्रचार करके बता दिया जाए कि डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स, सामान्य जांच और दवा की उपलब्धता होगी तो एक जगह पर 150-200 लोगों को प्रतिदिन प्राथमिक उपचार या सामान्य उपचार मिल सकेगा। ये बहुत पुण्य का कार्य होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से 100 मेडिकल मोबाइल यूनिट और 75 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के लोकार्पण के मौके पर यह बातें कही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि समय पर उपचान न मिलने के कारण जो मौतें होती है तो उस मृत्युदर को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की मदद से कम कर सकते हैं। सामान्य बीमारियां जो समय पर पहचान न होने के कारण असाध्य में बदल जाती हैं, उसे मेडिकल मोबाइल यूनिट से रोका जा सकेगा। आम जन को बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए एमएमयू की बड़ी भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि एडवांस लाइफ सपोर्ट कार्डियक वैन के रूप में कार्य करती है। दो साल पहले तक यदि किसी मरीज को प्राइवेट कार्डियक वैन की जरूरत पड़ती थी तो उसे 500 किलोमीटर तक के लिए 25 से 50 हजार रुपये खर्च करना पड़ता था।
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हमने सरकार बनने के बाद 13 अप्रैल 2017 को 100 एएलएस एंबुलेंस चलाई थी। जो हर जिले में आमजन के पास पहुंचती हुई दिख रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 170 मेडिकल मोबाइल यूनिट चलनी हैं। जो 53 जिलों तक पहुंचेगी। इसके अलावा आठ महात्वाकांक्षी जिलों को भी इसकी सेवा मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री एमएमयू, एएलएस के पाइलट को एंबुलेंस की चाभी और ईएमटीएस को इमरजेंसी किट सौंपी। कार्यक्रम में अंत में उन्होंने मेडिकल मोबाइल यूनिट और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, राज्य मंत्री स्वाती सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी, एनएचएम निदेशक पंकजु कुमार, सचिव वी हेकाली झिमोमी, विशेष सचिव नीरज शुक्ला आदि मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि समय पर उपचान न मिलने के कारण जो मौतें होती है तो उस मृत्युदर को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की मदद से कम कर सकते हैं। सामान्य बीमारियां जो समय पर पहचान न होने के कारण असाध्य में बदल जाती हैं, उसे मेडिकल मोबाइल यूनिट से रोका जा सकेगा। आम जन को बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए एमएमयू की बड़ी भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि एडवांस लाइफ सपोर्ट कार्डियक वैन के रूप में कार्य करती है। दो साल पहले तक यदि किसी मरीज को प्राइवेट कार्डियक वैन की जरूरत पड़ती थी तो उसे 500 किलोमीटर तक के लिए 25 से 50 हजार रुपये खर्च करना पड़ता था।
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हमने सरकार बनने के बाद 13 अप्रैल 2017 को 100 एएलएस एंबुलेंस चलाई थी। जो हर जिले में आमजन के पास पहुंचती हुई दिख रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 170 मेडिकल मोबाइल यूनिट चलनी हैं। जो 53 जिलों तक पहुंचेगी। इसके अलावा आठ महात्वाकांक्षी जिलों को भी इसकी सेवा मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री एमएमयू, एएलएस के पाइलट को एंबुलेंस की चाभी और ईएमटीएस को इमरजेंसी किट सौंपी। कार्यक्रम में अंत में उन्होंने मेडिकल मोबाइल यूनिट और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, राज्य मंत्री स्वाती सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी, एनएचएम निदेशक पंकजु कुमार, सचिव वी हेकाली झिमोमी, विशेष सचिव नीरज शुक्ला आदि मौजूद थे।
प्रधानमंत्री आज करेंगे वाराणसी में कैंसर इंस्टीट्यूट का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बीते 22 माह में बहुत सुधार हुआ है। पहले जहां प्रदेश में मात्र 13 मेडिकल कॉलेज थे, अब 13 नए अतिरिक्त मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। रायबरेली एम्स की ओपीडी शुरू हो चुकी है। गोरखपुर एम्स में ओपीडी इसी माह शुरू हो जाएगी। वाराणसी में अंतराष्ट्रीय के स्तर कैंसर इंस्टीट्यूट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को लोकार्पण करेंगे। इसकेअलावा मेडिकल विवि और आयुष विद्यालय भी खोला जा रहा है। उन्होंने मौजूद चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि छोटी-छोटी शिकायतों और चीजों को नजरअंदाज न करें। यदि रोजाना राउंड करेंगे, ओपीडी समय पर चलेगी, मरीजों के साथ संवेदना से जुड़ेंगे तो अच्छे प्रयास सामने आएंगे। सरकार का काम धन देना है। प्रयास करना आपका कार्य है।
एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस
एएलएस में वेंटीलेटर, डिफिब्रिलेटर, फिटल डॉप्लर, जीवन रक्षक दवाएं, जरूरी उपकरण, प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेकभनीशियन की व्यवस्था की गई है। दिल्ली और चंडीगढ़ से 200 किलोमीटर के अंदर आने वाले जिलों के मरीजों को वहां रेफर किया जा सकेगा। अप्रैल 2017 में शुरू की गई 150 एएलएस से अब तक 77895 गंभीर मरीजों की जान बचाई जा चुकी है। नई 100 मिलाकर कुल 250 एएलएस एंबुलेंस मरीजों की समय पर उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाएंगी।
एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस
एएलएस में वेंटीलेटर, डिफिब्रिलेटर, फिटल डॉप्लर, जीवन रक्षक दवाएं, जरूरी उपकरण, प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेकभनीशियन की व्यवस्था की गई है। दिल्ली और चंडीगढ़ से 200 किलोमीटर के अंदर आने वाले जिलों के मरीजों को वहां रेफर किया जा सकेगा। अप्रैल 2017 में शुरू की गई 150 एएलएस से अब तक 77895 गंभीर मरीजों की जान बचाई जा चुकी है। नई 100 मिलाकर कुल 250 एएलएस एंबुलेंस मरीजों की समय पर उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाएंगी।
नेशनल मेडिकल मोबाइल यूनिट
170 नेशनल मेडिकल मोबाइल यूनिट के माध्यम से प्रदेश के 53 जिलों के दूरस्थ और स्वास्थ सेवाओं से अछूती रह गए इलाकों तक पहुंचा जाएगा। इसमें गर्भवती महिलाओं का चिन्हीकरण, तनाव, डायबिटीज, एनीमिया, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, कम वजन वाले शिशुओं का परीक्षण, टीकाकरण, सामान्य बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इसकेअलावा बाल व किशोरों के स्वास्थ्य की निगरानी, दांत, आंख, नाक कान गला का इलाज भी मिलेगा। ये एमएमयू निर्धारित स्थान पर सुबह 9 से शाम 5 बजे तक स्वास्थ्य सेवाएं देंगी।