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UP News: नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर सीएम सख्त... छह पर रिपोर्ट दर्ज, 2016 भर्ती में चयनित के नाम पर हुआ था खेल

Mon, 08 Sep 2025 12:17 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 08 Sep 2025 12:17 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 1112 कनिष्ठ सहायक और 22 एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में बिना किसी सिफारिश और बिना किसी लेनदेन के नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है।

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CM Yogi Adityanath distributes appointment letters distributed to 1112 junior assistants
नियुक्ति पत्र वितरित करते सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में एक्सरे टेक्नीशियन के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में 2016 की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है। एक्सरे टेक्नीशियन में ही एक व्यक्ति आठ-आठ जगह नाम लिखाकर रुपये ले रहे हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उनके इस बयान के बाद शाम को महानिदेशक (पैरामेडिकल) ने छह पर लखनऊ के वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया है। 

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स्वास्थ्य महानिदेशालय की निदेशक (पैरामेडिकल) डा. रंजना खरे ने लखनऊ के वजीरगंज थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि एक्सरे टेक्नीशियन की 2016 में भर्ती हुई थी। छह लोगों ने पर्जी व कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर छह जिलों में नियुक्ति पा ली है। भर्ती में सफल होने वाले 403 एक्सरे टेक्नीशियन में क्रम संख्या 80 पर अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह के नाम है।
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इसी नाम पर छह लोगों ने फर्जी और कूटरचित प्रपत्र तैयार कर लिए। इन सभी ने 2016 से स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति प्राप्त कर विभाग को आर्थिक क्षति पहुंचाई। मालूम हो कि विभागीय जांच शुरू होते ही ये सभी आरोपी फरार हो गए हैं। रविवार को संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों ने महानिदेशालय में अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल की थी। 

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इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट 

  1. बलरामपुर में कथित अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह आधार नं 525449162718 निवासी प्रतापनगर, शाहगंज आगरा। 
  2. फर्रुखाबाद में कथित अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह आधार नं 500807799459 निवासी प्रताप नगर आगरा। 
  3. रामपुर में कथित अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह आधार नं 8970277715487 निवासी प्रतापनगर शाहगंज आगरा। 
  4. बांदा में कथित अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह, आधार नं 496822158342, निवासी प्रतापनगर, शाहगंज, आगरा। 
  5. अमरोहा कथित अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह आधार नं 339807337433 निवासी नगला खुमानी, कुरावली मैनपुरी। 
  6. शामली में कथित अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह आधार अप्राप्त, निवासी आगरा। 


मुख्यमंत्री ने सौंपा नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकसभवन में 1112 कनिष्ठ सहायक और 22 एक्सरे टेक्नीशियन के नियुक्ति पत्र वितरण किए। उन्होंने नियुक्ति पत्र पाने वालों को पूरी तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया। कहा कि गलत करेंगे तो उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। 

तो महाभारत के बहुत से रिश्ते, बाकी का जीवन जेल में बिताएंगे- सीएम
दरअसल, नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने पूर्व में हुई एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में हुए फर्जीवाड़े के मुद्दे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा हमें कई भर्तियों को सीबीआई को देना पड़ा था। अभी एक मामला चल रहा है। इसमें एक नाम पर कई लोगों की भर्ती हुई है। 

यह एक परिवार के वही लोग हैं, जो रुपये लेकर भर्ती करते थे और यूपी की जनता को लूटते थे। अभी भी जांच चल रही है। समय पर जांच हो जाएगी तो महाभारत के बहुत से रिश्ते अब बाकी का जीवन जेल में बिताने को मजबूर होंगे। उनके कारनामे यूपी को विकास की बुलंदियों को छूने की बजाय गर्त की ओर धकेल रहे थे। 

अमर उजाला ने उठा था मुद्दा

अमर उजाला ने पांच सितंबर के अंक में एक अर्पित के नाम पर छह अर्पित कर रहे नौकरी शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पूरे मामले का खुलासा किया है। इसके बाद जांच शुरू हुई। सोमवार को रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसी तरह अंकुर के नाम पर दो और अंकित के नाम पर छह लोगों के नौकरी लेने के मामले में भी जांच शुरू हो गई है। 

जिम्मेदार अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई

आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग भी जांच कर रहा है। जिस स्तर पर विभागीय लापरवाही हुई होगी, उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी। पूरे प्रकरण में जो भी दोषी होगा, सभी जेल जाएंगे। -- ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री । 

अंकुर और अंकित मामले में भी जांच शुरू

स्वास्थ्य विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में हुए भ्रष्टाचार में विभाग के सामने भी कई तरह की चुनौतियां हैं। तत्कालीन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और टेक्नीशियन द्वारा लिए गए वेतन की रिकवरी करने में कई तरह की मुश्किलें आएंगी। दूसरी तरफ अंकुर और अंकित नाम से फर्जीवाड़ा करके नौकरी करने वालों की भी जांच शुरू हो गई है। 

स्वास्थ्य विभाग में अर्पित के नाम से फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी कर रहे छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। एक-एक एक्सरे टेक्नीशियन ने अब तक करीब साढ़े पांच करोड़ रुपया वेतन के रूप में लिया है। अब ये सभी फर्जी टेक्नीशियन फरार हो गए हैं। आधार नंबर भी फर्जी होने की आशंका है। 

ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वालों से वेतन रिकवरी करने में भी कई तरह की अड़चनें आने की आशंका है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य महानिदेशालय ने सभी जिलों के मुख्य चिकत्सिाधिकारियों को यह भी आदेश दिया है कि वर्ष 2016 में चयनित 403 एक्सरे टेक्नीशियन की नए सिरे से सत्यापन कराया जाए। 

अंकुर और अंकित मामले में मांगी रिपोर्ट

वर्ष 2016 की एक्सरे टेक्नीशियन की भर्ती में चयनित 403 में अंकुर के नाम से एक ही व्यक्ति है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में इस नाम से अभी तक दो लोगों के नौकरी करने की बात सामने आई है। इसमें एक मैनपुरी में तो दूसरा मुजफ्फरनगर में कार्यरत है। इसी तरह अंकित के नाम से पांच लोग कार्यरत हैं। ये हरदोई, लखीमपुर और गोंडा में कार्यरत कर्मी वेतन ले रहे हैं, जबकि बदायूं, आजमगढ़, ललितपुर वाले नौकरी छोड़ चुक हैं। 

स्वास्थ्य महानिदेशालय की जांच टीम इनकी भी कुंडली खंगालने में लगी है। संबंधित जिलों के सीएमओ से रिपोर्ट मांगी गई है। सोमवार को लखीमपुर खीरी और गोंडा में कार्यरत एक्सरे टेक्नीशियन दोपहर बाद गायब बता रहे हैं। विभाग की ओर से मंगलवार को इनके बारे में कार्रवाई होने की उम्मीद है। 

सपा अध्यक्ष ने भी किया सवाल उठाया

एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती प्रकरण भले ही वर्ष 2016 का है, लेकिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट किया और सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि नाम एक, नियुक्तियां अनेक, नियुक्तियों का काम भी जुगाड़ आयोग करने लगा है क्या? सपा अध्यक्ष को पोस्ट के बाद सोशल मीडिया में आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब युवाओं को बिना किसी सिफारिश और बिना किसी लेनदेन के नियुक्ति पत्र मिलता है। उन्हें नौकरी के लिए किसी से सिफारिश नहीं करनी पड़ती है। युवा अपनी योग्यता और दक्षता के आधार पर नौकरी पा रहे हैं। ये सब तब हो पाता है जब एक जिम्मेदार सरकार हो। पहले जाति और धर्म देखकर नौकरियां दी जाती थीं। सिफारिश लगानी पड़ती थी और रिश्वत देनी पड़ती थी पर अब नियुक्ति प्रक्रिया समय से पूरी हो रही है। नौकरियों में पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया नए उत्तर प्रदेश की पहचान है।

उन्होंने कहा कि जब भर्ती पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो रही है और समय से हो रही है तो मेरी भी आपसे अपेक्षा है। वो ये है कि अपने कार्यस्थल पर किसी के साथ भेदभाव न करें जो कि गरीब, ग्रामीण या जरूरतमंद आता है पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसकी समस्या का समाधान करें। मुख्यमंत्री योगी सोमवार को लखनऊ के लोकभवन में 1112 कनिष्ठ सहायक और 22 एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र वितरण के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

पहले एक व्यक्ति आठ-आठ जगह कर रहा था नौकरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन दिनों एक भर्ती का प्रकरण चल रहा। एक व्यक्ति आठ-आठ जगह नौकरी कर रहा था। मामले की जांच चल रही है। ऐसे लोग जेल जाएंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भर्ती 2016 की है। एक ही परिवार के रिश्ते अब सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी 2016 में एक्सरे टेक्नीशियन के पदों पर हुई भर्ती में हुए फर्जीवाड़े पर बोल रहे थे जिसमें अर्पित के नाम पर छह और अंकुर के नाम पर दो नियुक्ति पत्र जारी होने का खुलासा हुआ है।
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