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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   CM Yogi Adityanath address in welcome of President Ramnath Kovind in Ayodhya.

अयोध्या में राष्ट्रपति: मुख्यमंत्री योगी बोले- राष्ट्रपति के नाम में भी श्रीराम जुड़ा हुआ है, श्रीराम जन-जन के हैं

Sun, 29 Aug 2021 04:14 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 29 Aug 2021 04:14 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पांच शताब्दी के एक लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुकंपा से पांच अगस्त 2020 को श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है।

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CM Yogi Adityanath address in welcome of President Ramnath Kovind in Ayodhya.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के रामकथा पार्क में आयोजित रामायण कॉन्क्लेव में कहा कि राष्ट्रपति का अयोध्या आगमन हम सबके लिए सौभाग्य की बात है। पांच शताब्दी के एक लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुकंपा से पांच अगस्त 2020 को श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एक दिवसीय अयोध्या दौरे पर हैं जहां उन्होंने रामायण कांक्लेव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में प्रभु राम का वंदन करते हुए कहा कि राम जन-जन के हैं। वह व्यापक आस्था के प्रतीक हैं। अगर किसी भी नाम के आगे सर्वाधिक शब्द का प्रयोग हुआ है तो वह भगवान राम का नाम है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के नाम का भी जिक्र किया।
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योगी बोले राष्ट्रपति के नाम के आगे भी श्रीराम का नाम जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शित करता है कि करोड़ों लोगों की सांस व रोम-रोम में राम बसे हैं। राम के प्रति सनातन आस्था संतों व संघ परिवार के मार्गदर्शन के फलस्वरूप पांच अगस्त 2020 को वह समय आया था जब पीएम नरेंद्र मोदी ने राममंदिर निर्माण का कार्यारंभ किया था।

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राममंदिर वास्तव में राष्ट्रमंदिर है जो युगों तक प्रेरणा देता रहेगा: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल

रामायण कॉन्क्लेव के उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अयोध्या प्राचीन काल से ही संपूर्ण विश्व में विख्यात रही है। राम की जन्मस्थली होने का सौभाग्य भी इस नगर को प्राप्त है। गौरव की बात है कि अवधी साहित्य का लोकप्रिय ग्रंथ रामचरित मानस के लेखन की शुरूआत अयोध्या से ही हुई थी। सांस्कृतिक मानचित्र पर अयोध्या पहला शहर है जहां विभिन्न पंथ के महापुरूष मौजूद रहे हैं। जैन धर्म के आदिदेव ऋषभदेव की भी जन्मस्थली अयोध्या है।

सिख धर्मगुरू तेगबहादुर व गुरू गोविंद सिंह ने भी यहीं से विश्व कल्याण का संदेश दिया था। महात्मा गौतम बुद्ध ने भी यहां कई वर्ष प्रवास किया। अयोध्या की व्यापक स्वीकारोक्ति व समन्वयकारी छवि है। हर प्रकार के धर्म व मतावंलिबयों का आना जाना यहां रहा।

उन्होंने कहा कि रामनगरी की लोकप्रियता को पुनःस्थापित करने के लिए प्रदेश एवं केंद्र सरकार प्रयासरत है। दीपोत्सव अंतरराष्ट्रीय आयोजन बन चुका है। मैं भी इसकी साक्षी रही हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने जब राममंदिर का कार्यारंभ किया था तो मैं वहां थी। राममंदिर के शिलान्यास का साक्षी होना गौरव की बात है। राममंदिर वास्तव में राष्ट्र का मंदिर है जो युगों तक प्रेरणा देता रहेगा।

राज्यपाल ने अयोध्या धाम के विकास के लिए जो काम हो रहे हैं उसके लिए योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि पयर्टक आएंगे तो राजकीय राजस्व में वृद्धि होगी। अयोध्या धाम के समेकित विकास के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी की मंशा है कि काशी की तर्ज पर ही अयोध्या का विकास हो। राष्ट्रपति के आगमन से अयोध्या की गरिमा बुलंदी को प्राप्त करेगी।

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