हमें केंद्र से ज्यादा सूर्य भगवान पर भरोसा: अखिलेश
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को तंज कसते हुए कहा, मुझे तो केंद्र से ज्यादा सूर्य भगवान पर भरोसा है। उन्होंने केंद्र सरकार की कंपनी बीएचईएल पर निशाना साधते हुए कहा, केंद्र सरकार की कंपनी हमें बहुत रुला रही है।
इसके पावर प्लांट कब चलते हैं और कब बंद हो जाते हैं, यह किसी को पता नहीं होता है। प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल तो इसके बारे में ज्यादा जानते हैं। इससे ज्यादा भरोसा तो हमें सूर्य भगवान की एनर्जी सोलर पावर पर है। कम से कम यह धोखा नहीं देती है।
मुख्यमंत्री अखिलेश शुक्रवार को यहां एक होटल में अक्षय ऊर्जा की इन्वेस्टर्स मीट के मौके पर बोल रहे थे। प्रदेश में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में ज्यादा संभावनाएं नहीं हैं, लेकिन सोलर एनर्जी में काफी काम हो सकता है। यूपी में इसमें काफी काम भी हुआ है। बुंदेलखंड में सोलर एनर्जी में निवेश हुआ है।
कन्नौज के दो गांवों को सोलर पावर से रोशन किया है। उसमें ही सात करोड़ रुपये का खर्च आया। सोलर पावर महंगी होने और बजट की कमी विस्तार में आड़े आ रही है। हमारे बजट की सीमा है। अगला वर्ष चुनावी वर्ष होगा। कई सारी योजनाएं हैं, जिन्हें पूरा करना है। हालांकि इसमें भी संसाधनों की कमी न हो, इसके लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है।
'दूसरी जगह प्रयोग फेल होता तो बदनामी होती'
मुख्यमंत्री ने कहा, कन्नौज के दो गांवों को सौर ऊर्जा से रोशन किया तो विरोधी दल इसमें भी कमी ढूंढ लाए। वे कहने लगे कि सौर ऊर्जा के लिए चुना भी तो अपना ही क्षेत्र।
अब बताइए, एक्सपेरीमेंट करना है तो मैं अपने ही क्षेत्र में तो करूंगा। अपने क्षेत्र में जमीन मिलनी आसान होती है। दूसरी जगह यदि प्रयोग फेल हो जाता है तो ज्यादा बदनामी होती है।
सस्ती बिजली मिले तभी होगा लाभ
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि सोलर पावर काफी महंगी है। अभी सरकार ने बुंदेलखंड में 500 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने का जो टेंडर आमंत्रित किया था उसमें 7.01 रुपये प्रति यूनिट की बिड आई है। सोलर पावर महंगी होने के कारण पावर कॉर्पोरेशन को इसकी बिजली खरीदने में दिक्कत होती है।
यदि वह महंगी बिजली खरीदेगा तो फिर इसका असर उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा। वहीं अतिरिक्त ऊर्जा विभाग के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि यूपी सरकार सोलर पावर में काफी काम कर रही है। लोहिया आवासों में सोलर पावर प्लांट लगाकर दिए जा रहे हैं।
यूपी में है 10 हजार मेगावाट सोलर पावर की संभावना
केंद्रीय नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव तरुण कपूर ने कहा कि यूपी में 10 हजार मेगावाट सोलर पावर पैदा किया जा सकता है। इसमें से चार हजार मेगावाट बिजली रूफ टॉप सोलर पावर के जरिये पैदा की जा सकती है। सभी सरकारी विभागों की छतों पर इसे लगाया जा सकता है।
10-10 मेगावाट से लेकर 50-50 मेगावाट की क्षमता के सोलर पावर प्लांट लगाकर प्रदेश सरकार की बिजली की कमी को पूरा सकती है। किसान सोलर पंप भी एक अच्छा माध्यम है। सरकार पांच हजार पंप लगवा रही है।
जबकि छह हजार और पंप लगाने की योजना है। सूबे में तीन करोड़ पंप में 70 लाख पंप डीजल के हैं। इन्हें सोलर पंप में बदल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोलर पावर में इन्वेस्टमेंट आए इसलिए यह मीट की जा रही है।