पैडल मारो, बैलेंस बनाओ और आगे बढ़ो: अखिलेश यादव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को साइकिल चलाने के गुर बताते हुए राजनीति में आगे बढ़ने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जो साइकिल चलाते हैं, वह अपना ख्याल तो रखते ही हैं। पर्यावरण का भी ख्याल रख रहे हैं। जिस तरह बगैर बैलेंस बनाए साइकिल नहीं चलती, उसी तरह राजनीति भी है, पैडल मारो-बैलेंस बनाओ और आगे बढ़ो।
सीएम ने साइकिल मैराथन के समापन अवसर मीडिया से बातचीत में कहा कि साइकिल भले ही हमारी पार्टी का चुनाव निशान है गरीब, नौजवान व किसान से लेकर सभी कभी न कभी साइकिल जरूर चलाते हैं।
इसी साइकिल मैराथन में पिछली बार उन्होंने 28 किमी साइकिल चलाई थी इस बार 10 किमी चलाई है। धक्का-मुक्की में साइकिल चलाना आसान नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि जो आज भी साइकिल से चल रहे हैं। वह डीजल-पेट्रोल बचाकर कहीं न कहीं देश की सेवा कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि साइकिल चलाने वालों को बढ़ावा मिले और यह प्रयास जारी भी हैं।
अखिलेश ने कहा, साइकिल चलाने वालों के लिए ऐसे इंतजाम हों कि जहां एक्सीडेंट न हो सकें। वह महसूस करें कि साइकिल चलाएंगे तो सुरक्षित रहेंगे। तब मां-बाप भी अपने बच्चों को साइकिल चलाने के लिए सड़क पर भेज सकते हैं।
नीदरलैंड के एक्सपर्ट से लिया सहयोग
सीएम ने कहा कि कुछ जगहों पर साइकिल ट्रैक बनाने का काम शुरू भी किया है। लखनऊ में साइकिल चलाने वालों के लिए ट्रैक बनाया है। इलाहाबाद में भी कुछ एक ट्रैक बनाए गए हैं। अब आगरा में भी बनाने जा रहे हैं। सैफई में भी कोशिश करेंगे कि यहां आसपास के स्कूल, मेडिकल कालेज और जो सार्वजनिक इमारतें हैं, वहां इस प्रकार के ट्रैक बनें।
नीदरलैंड की सरकार के साथ समझौते के सवाल पर सीएम ने कहा कि नीदरलैंड के जो एक्सपर्ट लोग हैं, उनका सहयोग लिया गया है। कई बार उनकी राय के हिसाब से चीजें बनाई गई हैं। कई मुल्कों में साइकिल चलाने वालों के लिए ऐसे इंतजाम किए गए है।
वहां लोग बड़ी संख्या में साइकिल से चल रहे हैं। यदि साइकिल लायक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाएगा, तो लोग आगे आएंगे। अपने देश के काफी लोग अभी भी साइकिल चलाना चाहते है। प्रदेश सरकार के प्रयास से वह सुरक्षित साइकिल चला पाएंगे।