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सिविल अस्पताल में सर्वाधिक लोगों को मिला आयुष्मान योजना का लाभ, 685 मरीजों ने कराया इलाज
Fri, 20 Sep 2019 04:56 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 20 Sep 2019 04:56 PM IST
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ayushman yojna
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ में आयुष्मान मरीजों को लाभ मुहैया कराने के मामले में सिविल अस्पताल सबसे बेहतर है। वहीं लोहिया हॉस्पिटल दूसरे व बलरामपुर अस्पताल तीसरे नंबर पर है।
राजधानी में कुल 159 अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हैं। इनमें 30 सरकारी व 129 प्राइवेट हैं। सरकारी अस्पताल में 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पीजीआई, लोहिया संस्थान, केजीएमयू, बलरामपुर, सिविल, लोहिया, डफरिन, झलकारीबाई, रानी लक्ष्मीबाई, लोकबंधु समेत दूसरे अस्पताल शामिल हैं।
सरकारी अस्पतालों की बात करें तो इसमें आयुष्मान मरीजों को उपचार देने के मामले में सिविल अस्पताल नंबर एक पर है। जहां पर करीब 685 मरीजों को उपचार मुहैया कराकर 69 लाख से अधिक का क्लेम किया गया है। जबकि लोहिया अस्पताल में 655 मरीजों को उपचार देकर करीब 56 लाख का क्लेम किया गया है।
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वहीं बलरामपुर अस्पताल में 356 मरीजों को उपचार देकर करीब 15 लाख का क्लेम किया गया है। इसमें कई अस्पतालों को सांची से भुगतान भी हो रहा है। सिविल-लोहिया निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि सिविल अस्पताल के ग्राफ को बढ़ाया गया है। बलरामपुर के निदेशक डॉ. राजीव लोचन के मुताबिक, आयुष्मान मरीजों की संख्या व गोल्डन कार्ड बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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राजधानी में कुल 159 अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हैं। इनमें 30 सरकारी व 129 प्राइवेट हैं। सरकारी अस्पताल में 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पीजीआई, लोहिया संस्थान, केजीएमयू, बलरामपुर, सिविल, लोहिया, डफरिन, झलकारीबाई, रानी लक्ष्मीबाई, लोकबंधु समेत दूसरे अस्पताल शामिल हैं।
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सरकारी अस्पतालों की बात करें तो इसमें आयुष्मान मरीजों को उपचार देने के मामले में सिविल अस्पताल नंबर एक पर है। जहां पर करीब 685 मरीजों को उपचार मुहैया कराकर 69 लाख से अधिक का क्लेम किया गया है। जबकि लोहिया अस्पताल में 655 मरीजों को उपचार देकर करीब 56 लाख का क्लेम किया गया है।
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वहीं बलरामपुर अस्पताल में 356 मरीजों को उपचार देकर करीब 15 लाख का क्लेम किया गया है। इसमें कई अस्पतालों को सांची से भुगतान भी हो रहा है। सिविल-लोहिया निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि सिविल अस्पताल के ग्राफ को बढ़ाया गया है। बलरामपुर के निदेशक डॉ. राजीव लोचन के मुताबिक, आयुष्मान मरीजों की संख्या व गोल्डन कार्ड बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
अब तक 11 हजार मरीजों को मिला इलाज
डिप्टी सीएमओ आयुष्मान योजना डॉ. वाईके सिंह के मुताबिक, राजधानी में अब तक 11 हजार 75 मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें दिल के मरीजों को स्टंट डाले गए हैं। हड्डी के मरीजों का घुटना प्रत्यारोपित किया जा चुका है। हादसे में घायलों को रॉड वगैरह लगाई गई है। कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी समेत दूसरा इलाज मुहैया कराया जा चुका है। अकेले सरकारी अस्पतालों व संस्थानों में 56 सौ मरीजों को इलाज मिल चुका है। वहीं प्राइवेट में 5775 मरीजों को राहत मिली है।
केजीएमयू - 2000
पीजीआई - 1004
लोहिया संस्थान : 1000
केजीएमयू - 2000
पीजीआई - 1004
लोहिया संस्थान : 1000