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नागरिकता संशोधन कानूनः यूपी में अब तक 164 केस, 880 गिरफ्तार
Sun, 22 Dec 2019 11:12 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 22 Dec 2019 11:12 PM IST
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लखनऊ में हुई हिंसा का दृश्य।
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा को लेकर अब तक 164 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में नामजद 880 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही बड़े पैमाने पर सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरे और मोबाइल से ली गई तस्वीरों को सोशल मीडिया के जरिए जारी कर शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
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आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि रविवार को प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि अब तक 5312 लोगों को हिरासत में लेकर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। उग्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में 288 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसमें 61 पुलिस कर्मियों को फायर आर्म्स इंजरी है। आईजी ने बताया कि घटनास्थलों से 647 .315 बोर और 12 बोर के खोखे बरामद किए गए हैं। जबकि 69 जीवित कारतूस व 35 अवैध तमंचें भी बरामद हुए हैं।
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वहीं सोशल मीडिया पर भी निगरानी लगातार जारी है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक, भ्रामक पोस्ट और मैसेज पर भी कार्रवाई की गई है। ऐसे 76 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 108 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 6612 ट्विटर पोस्ट और 8577 फेसबुक व 155 यूट्यूब एवं अन्य प्रोफाइल पोस्टों पर कार्रवाई के लिए सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क किया गया है। प्रदेश में हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी पैनी निगाहें जमा रखी हैं।
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वहीं इस कानून के चलते हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने रविवार को सभी मंत्रियों के दौरे और कर्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को अपने निर्वाचन क्षेत्र या राजधानी लखनऊ में रहने के निर्देश दिए हैं।
रविवार को मंत्रियों को अपने-अपने गृह जिलों के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होना था। जिलाधिकारियों ने सरकार से प्रदेश भर में धारा 144 लागू होने, स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में होने के कारण मंत्रियों के दौरे स्थगित कराने का आग्रह किया था।