UP: यूपी के सभी 75 जिलों में सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी, कालेधन पर नकेल और किसानों को बेहतर मुआवजा मिलेगा
यूपी सरकार ने 75 जिलों में सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में जिलों को प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। इस फैसले से प्रदेश के राजस्व में 20 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है।
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काले धन पर नकेल और किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी 75 जिलों में जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर ली है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने इस संबंध में जिलों से प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। अगले तीन महीने के भीतर सर्किल रेट बढ़ाने के फैसले पर अंतिम मुहर लग जाएगी। इसका फायदा ग्रामीण के साथ-साथ शहरी लोगों को भी मिलेगा, जिनकी जमीन या घर सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत किए जाते हैं। वहीं राजस्व में भी कम से कम 20 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है।
स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने पिछले नौ वर्ष से सर्किल रेट की दरें नहीं बढ़ाई हैं। लखनऊ जैसे कुछ जिलों में वर्ष 2015 से सर्किल रेट की दरें नहीं बढ़ी हैं। कई जिलों में तो सर्किल रेट और रजिस्ट्री रेट में दोगुने से भी ज्यादा का अंतर है। इस अंतर को कम करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में सर्किल रेट बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इस निर्णय से उन किसानों को ज्यादा पैसा मिलेगा, जिनकी जमीन अधिग्रहीत की जाएगी।
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किसानों को अधिग्रहण के एवज में चार गुना मुआवजा मिलता है। साथ ही शहर में रहने वाले उन लोगों को भी ज्यादा मुआवजा मिलेगा, जिनकी जमीन या घर सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत किए जाते हैं। शहरों में मुआवजा राशि सर्किल रेट की दोगुनी है। इसके अलावा वास्तविक कीमत और सर्किल रेट के बीच अंतर घटने से कालेधन की खपत पर अंकुश लगेगा।
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पिछले आठ वर्षों में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उत्तर प्रदेश स्टांप निबंधन से प्राप्त आय सर्किल रेट बढ़ाए बिना लगभग तीन गुना हो गई है। सर्किल रेट बढ़ने से राज्य सरकार को स्टांप से मिलने वाले राजस्व में 20 फीसदी को वृद्धि का अनुमान है। वित्त वर्ष 2024-25 में स्टांप से सरकार को करीब 38 हजार करोड़ रुपये की आय हुई थी। इस निर्णय के प्रभावी होने के बाद ये बढ़कर 45 हजार करोड़ हो सकती है।
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