{"_id":"cf78fbc33e0b2c66399f56c3e3eecc12","slug":"cimap-successfully-researched-new-breed-of-poppy","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशे की ‘काली खेती’ खत्म करेंगे ये वैज्ञानिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशे की ‘काली खेती’ खत्म करेंगे ये वैज्ञानिक
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 27 Mar 2014 02:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अफीम की अवैध खेती और उत्पादन पर लगाम लगाने के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट (सीमैप) ने नई किस्म ईजाद की है।
विज्ञापन
नशीले तत्व मॉर्फिन की कम मात्रा होने के चलते इसे दवाइयों के लिए इंडस्ट्री की जरूरत को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई किस्म के महत्व को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने भी सीमैप से इस प्रजाति को खेती के लिए तैयार करने के लिए कहा है।
हालांकि, वैज्ञानिक अब नई किस्म को मौजूदा पोस्तादाना (पॉपी, अफीम के पौधे का मॉर्फिन देने वाला हिस्सा) से रंग और रूप में अलग करने के लिए जुटे हुए हैं।
सीमैप के निदेशक डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सीमैप द्वारा पॉपी की नई किस्म तैयार है। नई किस्म में मॉर्फिन की मात्रा काफी कम है।
इसके लिए खुद मंत्रालय के सचिव टी रामाराव ने पत्र लिखकर इसके विकास और कल्टीवेशन की प्रक्रिया को शुरू करने की बात कही है।
अब कोशिश है कि नई किस्म से मिलने वाले पॉपी को रंग-रूप में अलग किया जा सके। इससे मौजूदा हरे रंग के पॉपी से अलग इसे पहचानने में मदद मिलेगी। इसके लिए वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
सीमैप के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि मौजूदा पॉपी से नई किस्म देखने में अलग होगी। इससे अवैध खेती को तुरंत पहचाना जा सकेगा। वहीं, मॉर्फिन को नई किस्म से निकाला जाना भी आसान नहीं होगा।
विज्ञापन
नई किस्म को विकसित करने का उद्देश्य ही अफीम की अवैध खेती को खत्म करना है। मॉर्फिन की जरूरत दवा कंपनियों को दर्द की दवा एनालजेसिक ड्रग्स बनाने के लिए होती है।
अवैध रूप से हो रही खेती
हाल ही में पुलिस ने महाराष्ट्र के बीड जिले में एक गांव में पांच साल से हो रही अफीम की अवैध खेती को पकड़ा था।
इसमें करीब 50 लोगों को पुलिस ने नामजद कर कानूनी कार्रवाई भी की।