लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में 26 मई से शुरू होने जा रही ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कार्यशाला में दिव्यांग व ऑटिस्टिक बच्चों को प्रशिक्षण शुल्क में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। विवि की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने शनिवार को जयशंकर सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि ऐसे बच्चों से शास्त्रीय गायन में प्रशिक्षण के लिए केवल एक हजार रुपये का शुल्क लिया जाएगा। अन्य अभ्यर्थियों से एक माह की कार्यशाला के लिए दो हजार रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि शास्त्रीय गायन, सुगम संगीत, लोकगीत, तबला, पखावज, ढोलक, सितार, वायलिन, गिटार (वेस्टर्न), बांसुरी, हारमोनियम, कीबोर्ड, कथक नृत्य, भरतनाट्यम्, लोकनृत्य, सारंगी, सरोद, पेंटिंग एवं क्ले मॉडलिंग जैसी विविध विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा। दिव्यांग और ऑटिस्टिक बच्चों के लिए शास्त्रीय गायन की विशेष कार्यशाला होगी। यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक और फिर 10 से 11 बजे तक होगी। प्रत्येक विधा में न्यूनतम पांच विद्यार्थियों का पंजीकरण अनिवार्य है। निर्धारित संख्या से कम होने पर इच्छुक विद्यार्थियों को अन्य उपयुक्त विधा में समायोजित किया जाएगा। गजल गायिकी के प्रशिक्षण के लिए यदि पांच या उससे अधिक अभ्यर्थी आवेदन करते हैं तो उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन ने बताया कि वेबसाइट bhatkhandeuniversity.ac.in पर संपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन पत्र का शुल्क 100 रुपये निर्धारित है। प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम आयु पांच वर्ष रखी गई है, अधिकतम आयु की सीमा नहीं है।