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Shravasti: मेडिकल स्टोर में अप्रशिक्षितों ने कराया प्रसव, बच्चे की मौत... घर जाते समय मां की भी मौत

Fri, 21 Feb 2025 03:03 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, गिलौला (श्रावस्ती)
अमर उजाला नेटवर्क, गिलौला (श्रावस्ती) Published by: ishwar ashish Updated Fri, 21 Feb 2025 03:03 PM IST
सार

श्रावस्ती जिले के गिलौला में एक महिला व उसकी बच्चे की मौत हो गई। पूरे मामले में लापरवाही बरती गई। महिला का प्रसव मेडिकल स्टोर में करवाया गया जहां बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद घर ले जाते समय रास्ते में महिला की भी मौत हो गई।

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Child delivery done in medical store, mother and child died in Shravasti.
दो मौतों से गमगीन परिजन व पड़ोसी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

एंबुलेंस से प्रसव के लिए बुधवार सीएचसी गिलौला आई पीड़िता को बेहतर सुविधा नहीं मिली जिसका फायदा उठाते हुए आशा कार्यकर्ता उसे एक मेडिकल स्टोर ले गईं। जहां अप्रशिक्षितों ने प्रसव कराया। प्रसव के बाद बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद उसे घर ले जाने के लिए बाहर कर दिया। जिसकी रास्ते में मौत हो गई। मामले में पति ने गिलौला पुलिस से शिकायत की है।

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भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामनगर केरवनिया निवासी सुरेश कुमार चौहान की पत्नी रानी (30) को बुधवार को प्रसव पीड़ा हुई जिसे आशा कार्यकर्ता अनीता सिंह एंबुलेंस से सीएचसी गिलौला लाई। जहां मौजूद चिकित्सक ने रानी को परिसर में चलने के लिए कहा। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद आशा ने बताया कि अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं हो पाएगा। इसे प्राइवेट अस्पताल ले चलो। इसके बाद आशा रानी को सड़क पार राम मेडिकल स्टोर के पीछे कमरे में ले गई। जहां मनोज गुप्ता व विनय गुप्ता ने एक महिला के साथ मिल कर रानी का प्रसव कराया।
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प्रसव के कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद रानी को वहां से बाहर कर दिया गया। इस दौरान प्रसव व दवा के नाम पर आठ हजार रुपये भी लिए गए। घर ले जाते समय रास्ते में रानी की मौत हो गई। मामले में पीड़ित पति ने गिलौला पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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रानी का था तीसरा प्रसव 
रामनगर केरवनिया निवासी रानी का यह तीसरा प्रसव था। सुरेश चौहान का आरोप था कि सीएचसी में करीब 20 मिनट रहने के बाद भी उसको इलाज नहीं मिला। इसके बाद आशा उसे मेडिकल स्टोर ले गई थी। जिसने बताया था कि वह मेडिकल स्टोर के बारे में जानती है। वहां नार्मल डिलीवरी हो जाएगी। प्रसव कराने के लिए रानी के साथ पीड़ित की दादी व चाची भी गई थी।  

कमीशन के लिए चल रहा खोल
जिले में खुले ज्यादातर निजी अस्पतालों में आशा कार्यकर्ताओं को ऐसे मामले लाने के लिए कमीशन दिया जाता है। पैसे के लालच में आशा कार्यकर्ता लोगों की जिंदगी से खेल रहीं हैं। जिसका खामियाजा रानी व उसके नवजात शिशु को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।


सीएमओ डॉ. एके सिंह ने कहा कि घटना की जानकारी के बाद डिप्टी सीएमओ डा. डीके सिंह को भेज कर मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। रही बात आशा की तो इसकी नियुक्ति ग्राम प्रधान करते हैं। उसे मैं निकाल नहीं सकता लेकिन दोषी मिली तो उसे नियमानुसार हटाया जाएगा।

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