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लखनऊ : सीएम योगी ने गांगेय डॉल्फिन को दिया प्रदेश के जलीय जीव का दर्जा, कहा- तालाब और नदियों को शुद्ध रखा जाए
Sat, 07 Oct 2023 06:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 07 Oct 2023 06:15 AM IST
सार
उन्होंने कहा कि तालाबों और नदियों को शुद्ध रखने का प्रयास करना चाहिए। गांगेय डाल्फिन प्रदेश में गंगा, यमुना, चम्बल घाघरा, राप्ती, गेरूआ आदि नदियों में पायी गयी है। एक अनुमान के अनुसार राज्य में गांगेय डाल्फिन की संख्या लगभग 2000 है।
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Gangetic Dolphin.
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत के मुस्तफाबाद से गांगेय डॉल्फिन को प्रदेश के जलीय जीव का दर्जा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तालाबों और नदियों को शुद्ध रखने का प्रयास करना चाहिए। गांगेय डाल्फिन प्रदेश में गंगा, यमुना, चम्बल घाघरा, राप्ती, गेरूआ आदि नदियों में पायी गयी है। एक अनुमान के अनुसार राज्य में गांगेय डाल्फिन की संख्या लगभग 2000 है।
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सीएम ने कहा कि वन्य जीवों को लेकर किस प्रकार का व्यवहार होना चाहिए, इसका प्रशिक्षण यहां के लोगों को दिया जाना चाहिए। टाइगर रिजर्व से जुड़े आरक्षित क्षेत्र के हर गांव के लोगों को ट्रेनिंग देकर उन्हें गाइड के रूप में मान्यता देनी चाहिए, जिससे लोगों को रोजगार मिल सके। पूरे गांव में जागरूकता भी पैदा होगी। उन्होंने कहा कि हमें यह भी देखना होगा जो पर्यटक या स्थानीय लोग आते हैं। वह प्लास्टिक का उपयोग करके कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिससे जल और प्रकृति प्रदूषित हो।
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मुख्यमंत्री ने चूका बीच की सुंदरता को निहारा, जंगल सफारी का लिया आनंद
मुख्यमंत्री जंगल सफारी वाहन में सवार होकर चूका बीच पहुंचे। पीलीभीत में जंगल और शारदा डैम के किनारे स्थित चूका बीच का नजारा सैलानियों के लिए गोवा जैसा एहसास कराता है। मुख्यमंत्री ने चूका बीच पर सैलानियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी की। करीब 20 मिनट तक चूका बीच की प्राकृतिक खूबसूरती को निहारा। मुख्यमंत्री यहां बनाई गई वाटर हट पर भी पहुंचे। जंगल सफारी के दौरान मुख्यमंत्री के साथ वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार व जिले के विधायक मौजूद रहे।
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