महिलाओं के सशक्तीकरण में राज्य महिला आयोग को भी अपनी भूमिका बढ़ानी होगी: मुख्यमंत्री योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण अभियान में राज्य महिला आयोग को भी अपनी भूमिका बढ़ानी होगी। महिलाओं को अपने अधिकारों व सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर टीम बनाकर काम करना होगा। तभी महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में यूपी राज्य महिला आयोग की ओर से आयोजित महिला जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने आयोग की अध्यक्ष और सदस्यों से कहा कि जमीनी तौर पर ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य करने से ही महिलाओं के सशक्तीकरण अभियान को अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है। महिलाओं का स्वाभिमान बढ़ाने के लिए सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, उज्ज्वला, इंद्रधनुष जैसी योजनाएं शुरू की हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए 112, 1090, 181 जैसी हेल्पलाइन का संचालन किया जा रहा है।
आयोग इन योजनाओं के बारे में महिलाओं को जागरूक करे तो महिला उत्पीड़न की शिकायतों में स्वत: कमी आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं पर होने वाले अपराधों की सुनवाई के लिए हाल ही में 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट और पॉक्सो एक्ट के मामलों के लिए 74 कोर्ट शुरू किए जाने की भी जानकारी दी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर संयुक्ता भाटिया, राष्ट्रीय महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रमुखी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह और अंजू चौधरी ने भी विचार रखे। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने आयोग के क्रियाकलापों की जानकारी देते हुए अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड समेत कई राज्यों के महिला आयोग की अध्यक्ष व सदस्य मौजूद थीं।
सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित न रहे आयोग : दिनेश शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि केंद्रीय व राज्य महिला आयोगों को सिर्फ गोष्ठियों व जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाने के लिए उन्हें और अधिक सक्रियता से काम करने की जरूरत है। सरकारें महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें समाज में बराबरी का दर्ज दिलाने के लिए तमाम योजनाएं चल रही हैं। इनसे महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार आया है, लेकिन अभी बहुत काम करने की जरूरत है।
घर से ही शुरू होता है महिला अधिकारों का हनन : रेखा शर्मा
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि योजनाओं के बावजूद महिलाओं पर होने वाले अत्याचार की बहुत शिकायतें आयोगों तक पहुंच रही हैं। इनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा से जुड़े होते हैं। इससे स्पष्ट है कि महिलाओं के अधिकारों का हनन उनके घर से शुरू होता है। जब तक इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगेगी, तब तक महिलाओं पर होने वाले अत्याचार व उत्पीड़न को कम नहीं किया जा सकता। इसके लिए महिलाओं को सबसे पहले अपने घर में पुरुषों की मानसिकता बदलना होगा।
महिलाएं अपने बेटों को ऐसे संस्कार देें कि वे बेटियों पर अत्याचार न करें। यूपी से महिलाओं के उत्पीड़न की सबसे अधिक शिकायतें आती हैं। इस पर विचार करना होगा कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। उन्होंने महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायतें न सुनने के लिए पुलिस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं से राजनीति में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाओं को भी बराबर सीटें मिलनी चाहिए।