मेयर व चेयरमैन के अधिकार नहीं घटेंगे, पर तय होगी जवाबदेही : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार नगर निकायों को काम करने की आजादी देगी। मेयर व चेयरमैन के अधिकार अधिकार घटाएगी नहीं, बल्कि जरूरी हुआ तो बढ़ाएगी, पर इसके साथ ही आम लोगों के प्रति जवाबदेही भी तय करेगी। मुख्यमंत्री बुधवार को नगर विकास विभाग की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यशाला में नवनिर्वाचित मेयर व चेयरमैनों को संबोधित कर रहे थे।
योगी ने कहा, सरकार बिना भेदभाव के सभी नगर निकायों के विकास के लिए धन देगी, पर नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को भी अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी। मेयर व चेयरमैन को संवेदनशीलता से आम लोगों के लिए काम करना होगा। केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को ईमानदारी से जमीन पर उतारना होगा। वह खुद भी नगर निकायों का दौरा करेंगे। जो भी दिक्कत होगी, उसे दूर करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सफलता के ‘मंत्र’ के साथ उन्हें कड़े संदेश भी दिए। कहा, सिर्फ चुनाव जीतना ही आपका उद्देश्य नहीं होना चाहिए। अगर जनता की नजरों में ‘हीरो’ बनना है तो काम भी करना होगा। जो लोग जाति-धर्म को हथियार बनाकर पांच साल गुजारने का प्रयास करेंगे, वे दुबारा चुनाव नहीं जीत पाएंगे। जनता उसी जनप्रतिनिधि को खोजती है, जो विकास करता है।
स्वच्छता सबसे बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती शहरों की स्वच्छता है। जनवरी से ही स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने वाला है। इसलिए तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान शुरू कराएं, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक नगर निगमों का देश के स्वच्छ शहरों में चयन हो सके। उन्होंने 15 से 31 दिसंबर के बीच स्वच्छता के लिए विशेष अभियान चलाने का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने अमृत, स्मार्ट सिटी समेत अन्य योजनाओं को तेजी से पूरा कराने की अपेक्षा की। अतिक्रमण, आवारा पशुओं, प्लास्टिक उन्मूलन के लिए अभियान चलाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना, ओडीएफ में तेजी लाने का भी आह्वान किया।
12 महीने के लिए बनाएं कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों की सुविधाओं से जुड़े कार्यों को बेहतर ढंग से कराने के लिए 12 महीने की कार्ययोजना तैयार करें। एक-एक महीने में अलग-अलग सुविधाओं पर फोकस करते हुए काम कराएं तो लोगों को कम समय में अधिक राहत दी जा सकती है।
खन्ना ने किया खाली पदों को भरने का अनुरोध
इससे पहले नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री से नगर निकायों में अधिशासी अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि निकायों में कर्मचारियों की भारी कमी है। खन्ना ने नवनिर्वाचित मेयर व चेयरमैनों को कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग में हस्तक्षेप नहीं करने का सुझाव दिया। कहा, स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर के पहले नंबर पर आने की एक वजह यह भी थी कि वहां केजनप्रतिनिधि प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करतेे। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी दी।
नहीं आए बसपा के दोनों मेयर
अलीगढ़ और मेरठ के मेयर कार्यशाला में नहीं पहुंचे। ये दोनों बसपा के टिकट पर जीते हैं। आगरा के मेयर भी नहीं आए। हालांकि उन्होंने अपने पूर्व निर्धारित निजी कार्यक्रम के बारे में सूचना भेज दी थी।