लखनऊ: जबरन लगाई आंबेडकर की प्रतिमा, पुलिस पर किया पथराव, पांच पुलिसकर्मी समेत 15 घायल
लखनऊ जिले के महिंगवा के खातरी गांव में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर शनिवार को बवाल हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लखनऊ जिले के महिंगवा के खातरी गांव में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर शनिवार को बवाल हो गया। गांव में सरकारी जमीन पर चुपके से प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी। शनिवार को इसकी शिकायत पुलिस से हुई। पुलिस टीम प्रतिमा हटवाने के लिए गांव पहुंची। वहां पहले से जुटे ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में पांच पुलिसकर्मी सहित 15 लोग घायल हो गए। सुबह शुरू हुआ हंगामा शनिवार देर शाम तक चलता रहा। स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए फोर्स की तैनाती की गई है।
पुलिस के मवई खातरी गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ ग्रामीणों ने प्रतिमा के पास धरना शुरू कर दिया। भीड़ देखते हुए कई थानों की फोर्स बुलानी पड़ी। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो सुनने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने प्रतिमा हटाने का प्रयास किया तो कुछ युवक धक्कामुक्की करने लगे। इन युवकों के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। मौके पर भगदड़ मच गई। हमले में दरोगा रविंद्र सिंह, शेषमणि मिश्रा, एलआईयू के दरोगा सिद्धेश वर्मा, महिला थाना बीकेटी प्रभारी मेनका सिंह और दरोगा राहुल तिवारी घायल हो गए। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने बल प्रयोग किया, लेकिन भीड़ के आगे उनकी ज्यादा चल नहीं सकी। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को 500 मीटर दूर खदेड़ दिया। कई पुलिसकर्मी जान बचाकर भागते दिखे।
नियंत्रण के लिए दागे आंसू गैस के गोले
हिंसा बढ़ती देख पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। करीब पांच राउंड आंसू गैस के गोले दागने पर भीड़ बिखरी और ग्रामीण पीछे भागे। इसके बाद पीएसी बल को मौके पर बुलाया गया। डीसीपी उत्तरी भी पहुंचे और ग्रामीणों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने।
विधायक को भी लौटना पड़ा वापस
बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला ने भी गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बात करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख विधायक को पुलिस बल के साथ वापस लौटना पड़ा। ग्रामीण लगातार नारेबाजी करते रहे और किसी को भी प्रतिमा स्थल पर जाने नहीं दिया। पुलिस बल गांव के बाहर मुस्तैद रही।
लाचार दिखी पुलिस, रात तक नहीं बनी बात
महिंगवा, इटौंजा और बीकेटी पुलिस व पीएसी के पहुंचने पर भी स्थिति नियंत्रित नहीं हुई। इसके बाद मड़ियांव, सैरपुर, गुडंबा, जानकीपुरम, इंदिरानगर, महिला थाना बीकेटी की फोर्स को बुलाया गया। एसीपी अमोल मुरकुट, एडीसीपी जितेंद्र दुबे, डीसीपी गोपाल चौधरी दलबल के साथ पहुंचे। सुबह नौ बजे शुरू हुआ विवाद शनिवार रात तक जारी रहा। नगर पंचायत बीकेटी के चेयरमैन गणेश रावत की बात भी ग्रामीणों ने नहीं मानी।
बिना अनुमति स्थापित कर दी प्रतिमा
बीकेटी एसडीएम सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सुबह ही ग्रामीणों से कहा गया था कि बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकती। ऐसे में प्रतिमा को हटाना पड़ेगा। इसके बावजूद ग्रामीण नहीं माने और पथराव किया। गांव में फोर्स तैनात है। रात तक मामला शांत नहीं हो सका।
कई ग्रामीणों को भी आईं चोटें
हंगामा और पथराव में कई ग्रामीण भी घायल हुए हैं। सावित्री को ज्यादा चोट आई, जिन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा कोमल, रूबी, मुन्नी, सरोजनी, सुरेंद्र, कुसमी, सुभाष, कृष्णावती और होलिका चोटिल हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.