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पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी पुलिस की चुनौती, थानेदारों को दी गई बड़ी जिम्मेदारी

Thu, 12 Nov 2020 01:53 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 12 Nov 2020 01:53 PM IST
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Challenges against police increased because of Panchayat Election in Uttar Pradesh.
- फोटो : अमर उजाला

पंचायत चुनाव को लेकर डीजीपी मुख्यालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस साल के अंत में या अगले साल की शुरुआत में पंचायत चुनाव होंगे। इसे डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी बड़ी चुनौती मान रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों पर भरोसा जताया है कि इस चुनौती का सूझबूझ से सामना करते हुए जनता को बेहतर पुलिस व्यवस्था प्रदान करेंगे।

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दरअसल, पंचायत चुनाव कानून व्यवस्था की दृष्टि से कठिन होते हैं। चुनाव के पहले और बाद तक रंजिशों का दौर चलता है। लिहाजा ऐसी रंजिशों को पहले से चिह्नित करने को कहा गया है। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि पहले से ही हर गांव की संवेदनशीलता आंकते हुए पूरी तैयारी करें। इसके लिए अराजक तत्वों के खिलाफ पहले से ही निरोधात्मक कार्रवाई करनी होगी।
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जिलों में उपलब्ध पुलिस बल का सही प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाएं भी पहले से करनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि 2010 और 2015 में पंचायत चुनाव के दौरान हुई घटनाओं का अध्ययन और मौजूदा समय में संवेदनशीलता का आंकलन पहले से करना होगा।

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राजस्व विभाग से मिलकर कराएं विवादों का निपटारा

डीजीपी ने बताया कि चुनाव की तैयारियों और चुनौतियों को लेकर पहले ही विस्तृत निर्देश पुलिस कप्तानों को भेजे जा चुके हैं। सभी थानों पर बीटवार ग्राम, मोहल्ले के हिसाब से चुनाव और भूमि विवाद रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

रजिस्टर में तमाम जानकारियों के साथ गांवों के ऐसे विवाद जिसे लेकर चुनाव में मुद्दा बन सकता है, इसका भी विवरण दर्ज करने के लिए कहा गया है। पंचायत चुनाव में संभावित प्रत्याशियों का नाम, पता और उनका पूर्व आपराधिक इतिहास का विवरण भी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देश दिए गए हैं कि गांव स्तर पर जो भी विवाद हों उनका निपटारा कराएं। जिन मामलों में आपसी समझौता नहीं हो पा रहा है उन मामलों में निरोधात्मक कार्रवाई करें और जमीन से संबंधित विवादों में राजस्व विभाग से मिलकर मामलों का निपटारा कराएं।

रंजिश में बवाल हुआ तो नपेंगे थानेदार

डीजीपी ने कहा है कि थाने स्तर पर बनाए जा रहे रजिस्टर में संबंधित गांवों के सभी तरह के विवादों को दर्ज करना होगा। थानाध्यक्षों को इसका प्रमाण पत्र भी जिले के पुलिस कप्तान के पास भेजना होगा।

इसके बाद भी पुलिस की लापरवाही से पुरानी रंजिश में कोई हत्या, बलवा या कोई और घटना होती है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी का कहना है कि पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान अभी भले ही न हुआ हो, लेकिन तैयारी शुरू कर दी गई है। डेढ़ माह पहले ही सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्हें हर स्तर के विवाद का निपटारा समय रहते करने के निर्देश दिए गए हैं।

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