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मदरसा बोर्ड के चेयरमैन ने कहा : अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को ही है मदरसों के निरीक्षण का अधिकार
Fri, 04 Nov 2022 11:21 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 04 Nov 2022 11:21 AM IST
सार
डॉ. इफ्तिखार ने कहा कि अक्सर संज्ञान में आ रहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी मदरसों का निरीक्षण करने के साथ नोटिस भी दे रहे हैं जो मदरसा अधिनियम के खिलाफ है।
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मदरसा, madarasa demo
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मदरसों का निरीक्षण करने और उन्हें नोटिस जारी करने को अधिनियम के विपरीत बताते हुये नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मदरसों के निरीक्षण का अधिकार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को है। शिक्षा विभाग के दखल से मदरसों में असहजता की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने मदरसा विनियमावली के नियमों का अनुपालन कराने के लिये सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भिजवाया है।
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डॉ. इफ्तिखार ने कहा कि अक्सर संज्ञान में आ रहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी मदरसों का निरीक्षण करने के साथ नोटिस भी दे रहे हैं जो मदरसा अधिनियम के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि 1995 में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के गठन के बाद मदरसों का समस्त कार्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया।
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इसके बाद उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 प्रतिस्थापित किया गया। जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा विनियमावली 2016 बनाई गई। उन्होंने कहा कि अधिनियम और विनियमावली के तहत अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अलावा किसी भी विभाग के अधिकारी द्वारा न तो निरीक्षण किया जाएगा और न ही किसी प्रकार की नोटिस दी जा सकती है।
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