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UP News: भ्रष्टाचार पर चला सीएम योगी का हंटर, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ सस्पेंड; एक वसूलीबाज गिरफ्तार

Thu, 20 Mar 2025 10:17 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 20 Mar 2025 10:17 PM IST
सार

लखनऊ में भ्रष्टाचार के मामले में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ को निलंबित किया गया है। मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। एक वसूलीबाज को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

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CEO of Invest UP suspended on corruption charges in Lucknow police registered case
गिरफ्तार निकांत जैन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई की है। सीएम ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव एवं इंवेस्ट यूपी मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया। उन पर एसएईएल सोलर पॉवर कंपनी का प्रोजेक्ट मंजूर करने के लिए घूस मांगने का आरोप है। इस मामले में सोलर कंपनी की ओर से राजधानी के गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराने के साथ गोमतीनगर के विराम खंड निवासी बिचौलिए निकांत जैन को हुसड़िया चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

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सूत्रों के मुताबिक आईएएस अभिषेक प्रकाश ने कंपनी संचालकों से निकांत जैन से संपर्क करने को कहा था। मूल रूप से मेरठ के शांतिनगर निवासी निकांत जैन ने प्रोजेक्ट को मंजूर करने के लिए उसकी कुल लागत की पांच फीसदी रकम रिश्वत के रूप में मांगा था। जिसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि विश्वजीत दास ने मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से इसकी शिकायत की थी। 
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उन्होंने शिकायत में कहा था कि उनके ग्रुप ने यूपी में सोलर सेल और सोलर ऊर्जा से संबंधित कलपुर्जे बनाने का संयत्र स्थापित करने के लिए इंवेस्ट यूपी के कार्यालय में आवेदन किया था। उन्होंने ऑनलाइन तरीके से भी प्रार्थना पत्र भेजा था। मूल्यांकन समिति की बैठक में उनके प्रोजेक्ट पर विचार करने से पहले इंवेस्ट यूपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्राइवेट व्यक्ति श्री जैन का नंबर दिया और उनसे बात करने को कहा। 


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अभिषेक प्रकाश पर होगी अनुशासनिक कार्रवाई, आरोप पत्र भी थमाया जाएगा

उन्होंने कहा कि बात करने के बाद उनका मामला एम्पावर्ड कमेटी और कैबिनेट में तुरंत अनुमोदित हो जाएगा। उनके कहने पर मैंने जैन नामक व्यक्ति से बात की, जिसने 5 फीसद कमीशन देने की बात कही और एडवांस मांगा। मेरे ग्रुप के मालिक इस प्रोजेक्ट को लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल चुके थे, जिसकी वजह से मैंने पैसा देने से मना कर दिया। 

बाद में मुझे पता चला कि मेरे मामले में संस्तुति के बावजूद पत्रावली में प्रकरण को टाल दिया गया है। जैन से बात करने पर उसने कहा कि मैं और मेरे मालिक चाहे जितना भी प्रयास कर लें, उन्हें हमारे पास ही आना होगा, अन्यथा काम नहीं होगा। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि मेरे मालिक इस प्रोजेक्ट को दूसरे प्रदेश में ले जा सकते हैं। लिहाजा इन लोगों पर कार्रवाई करने के साथ प्रोजेक्ट को मंजूर किया जाए।

जांच में आरोप सही मिले

मुख्य सचिव से शिकायत के बाद जब इस प्रकरण की गोपनीय जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। जिसके बाद पूरे प्रकरण से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने तत्काल इंवेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश को निलंबित करने और पूरे प्रकरण की जांच के लिए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। जिसके बाद पुलिस ने बिचौलिए निकांत जैन को चिन्हित करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

प्राधिकरणों में लटकी फाइलों पर सरकार सख्त

वरिष्ठ आईएएस अभिषेक प्रकाश पर कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि सीएम भ्रष्टाचार को किसी को रियायत देने के मूड में नहीं है। खास तौर से फाइल लटकाने वाले मामलों को लेकर सीएम कई बार चेतावनी भी दे चुके हैं। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण सामने आने के बाद सरकार इंवेस्ट यूपी में लंबित अन्य प्रकरणों की जांच कराने के अलावा विकास प्राधिकरणों में लंबित फाइलों पर भी सख्ती की जाएगी। 

सूत्रों का कहना है कि अयोध्या औरा वाराणसी विकास प्राधिकरणों में महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी देने से संबंधित फाइलें काफी दिनों से लटकाई जा रही है। इस संबंध में तमाम शिकायतें ऊपर तक पहुंची है। चूंकि अयोध्या और वाराणसी सरकार की प्राथमिकता में है। इसलिए सरकार जल्द ही सख्ती से कार्रवाई कर सकती है।

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