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UP News: केंद्र के पाले में स्मार्ट मीटर टेंडर की ज्यादा दर का मामला, जवाब आने के बाद ही होगी कार्रवाई
Thu, 22 Dec 2022 01:53 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 22 Dec 2022 01:53 PM IST
सार
पावर कॉपोरेशन ने ग्रामीण विद्युतीकरण निगम से दिशा-निर्देश मांगा है। अब केंद्र का जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। उपभोक्ता परिषद अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
राज्य सरकार ने प्री-पेड स्मार्ट मीटर के टेंडर में आई ऊंची दरों का मामला केंद्र सरकार के पाले में डाल दिया है। टेंडर में अनुमानित लागत से करीब 65 प्रतिशत ज्यादा आ रही लागत को मंजूरी देने के दबाव के बीच पावर कॉर्पोरेशन ने ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) से दिशा-निर्देश मांग लिया है। पावर कॉर्पोरेशन और बिजली कंपनियां डीपीआर में इंगित की दर से अधिक पर टेंडर को मंजूरी देने के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि भविष्य में इसे लेकर बखेड़ा खड़ा हो सकता है।
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पावर कॉर्पोरेशन और बिजली कंपनियों ने डीपीआर के अनुसार दरों में कमी के लिए टेंडर में हिस्सा लेने वाली निजी कंपनियों से वार्ता की पेशकश भी की, लेकिन कंपनियां दरों में कमी करने को तैयार नहीं है। ऐसे में पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने आरईसी के कार्यकारी निदेशक को पत्र भेजकर पूरी वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए दिशा-निर्देश मांगा है। सूत्रों का कहना है कि अब केंद्र का जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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उधर, उपभोक्ता परिषद इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में जुटा है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने प्रधानमंत्री से पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अगर निष्पक्ष जांच हो तो बड़ा घोटाला सामने आएगा।
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