लखनऊ से दिल्ली के किराये में 196 रुपये तक बढ़ोतरी
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रेल मंत्रालय ने मंगलवार आधी रात 12 बजे से यात्री किराये के नये रेट का प्रभावी कर दिया है। इससे यात्रियों का सफर महंगा हो गया।
अब शताब्दी एक्सप्रेस में लखनऊ से दिल्ली तक चेयरकार से सफर करने पर पहले से 87 रुपये अधिक जेब से निकलेंगे यानी यात्री को 587 रुपये के बजाय 674 रुपये किराया चुकाना पड़ेगा।
इसी ट्रेन में लखनऊ से नई दिल्ली तक का एक्जीक्यूटिव क्लास (ईएक्स) में सफर करने वालों को 1332 रुपये के बजाय 1528 रुपये का किराया चुकाना पड़ेगा। यानी यात्री को पहले से 196 रुपये अधिक चुकाने होंगे।
इन ट्रेनों में हुई स्पेशल चेकिंग
सीनियर डीसीएम अश्वनी श्रीवास्तव ने बताया कि आधी रात 12 बजे से लखनऊ से गुजरने वाली आनंद विहार प्रीमियम, पोरबंदर एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, फैजाबाद-नई दिल्ली, शहीद एक्सप्रेस आदि ट्रेन में स्पेशल चेकिंग की गई।
इस दौरान आरक्षित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों से डिफरेंस किराये की वसूली की। उन्होंने बताया कि इसके लिये आरक्षण चार्ट पर यात्री के नाम के सामने किराये के डिफरेंस की धनराशि का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने यात्रियों से अपील की कि आरक्षण चार्ट पर किराये के डिफरेंस को देखकर काउंटर पर जमा करके रसीद जरूर ले। ताकि ट्रेन में चेकिंग के दौरान रसीद दिखा सके।
एमएसटी के नए रेट 28 जून से होंगे लागू
रेलवे ने दैनिक यात्रियों (एमएसटी) के किराये में की गई बढ़ोतरी को मंगलवार को घटा दिया है।
अब दैनिक यात्रियों को दो गुना किराया चुकाना नहीं पड़ेगा। यानी पहले रेलवे ने 1 से 5 किमी. की दूरी की एमएसटी का किराया 85 रुपये से बढ़ाकर 150 कर दिया था।
लेकिन संशोधन के बाद इस दूरी की एमएसटी का किराया घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है। एमएसटी के नये रेट 28 जून को लागू होंगे। रेल मंत्रालय ने एमएसटी किराये में संशोधन का सरकुलर 24 जून को जारी किया है।
रेलवे से माल ढोना भी महंगा
रेल मंत्रालय के द्वारा माल भाड़े में 6.5 फीसदी की बढ़ोतरी भी 25 जून आधी रात से प्रभावी लागू हो गई। यानी माल भाड़ा बढ़ने का असर सीधे जनता पर पड़ेगा।
रेलवे ने एलआर 1 से लेकर श्रेणी 200 तक होने वाली ढुलाई की दर 6.5 प्रतिशत बढ़ाया है। एलआर 4 श्रेणी को समाप्त कर उसकी जगह एलआर श्रेणी में माल ढुलाई तय की।
इससे सीमेंट, रासायनिक खाद, मिट्टी, कोयला, खाद्यान्न, मछली, लोहा व इस्पात, चमड़ा, रबड़, प्लास्टिक, खनिज और अयस्क, मशीन और उनके उपकरण, खली व तिलहन, पेट्रोलियम उत्पाद, नमक, साबुन, चीनी, फल, सब्जी, किराना, मसाला, गन्ना, चाय, कॉफी, कपास, चारा, भूसा, दूध, लकड़ी जैसी रोजाना उपभोग की वस्तुओं की ढुलाई के लिये पहले से अधिक भाड़ा देना होगा।