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Lucknow News: एम्स में स्टाफ व संसाधनों की कमी पर केंद्र गंभीर
Sat, 30 Nov 2024 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 30 Nov 2024 01:10 AM IST
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में स्टॉफ और बुनियादी ढांचे की कमी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा गंभीर हो गए हैं। सदन के नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी के पत्र का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वह मामले की जांच संबंधित विभाग से करवा रहे हैं। केंद्र सरकार के गंभीर होने के बाद एम्स में संसाधनों के बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।
जिले के सांसद राहुल गांधी ने एम्स का निरीक्षण किया था। उन्होंने 14 अक्तूबर को एम्स में संसाधनों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लिखा था कि 610 बेड के एम्स के लिए 2,900 पद स्वीकृत होने चाहिए थे। लेकिन अब तक 1,626 पदों को ही मंजूरी दी गई है। एम्स में ओपीडी और प्रशासनिक ब्लॉक, छात्रों के लिए छात्रावास, गेस्ट हाउस और नर्सिंग, पैरामेडिकल और आयुष विभागों के लिए ब्लॉक सहित आवश्यक बुनियादी संसाधनों की कमी है। अतिरिक्त पदों के लिए एक प्रस्ताव फरवरी, 2024 में मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया था।
डीपीआर प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन संस्थान की ओर से सभी आवश्यक विवरण प्रदान करने के बावजूद इन परियोजनाओं में देरी हुई। सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया था कि मामले में हस्तक्षेप कर मुद्दों का समाधान कराएं। पत्र मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को उनके पत्र का जवाब दिया है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि मुझे आपका पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें एम्स रायबरेली में जनशक्ति की कमी और आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी के बारे में बताया गया है। मैं इस मामले की जांच संबंधित विभाग से करवा रहा हूं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के गंभीर होने के बाद एम्स में स्टाफ और संसाधनों की कमी से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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जिले के सांसद राहुल गांधी ने एम्स का निरीक्षण किया था। उन्होंने 14 अक्तूबर को एम्स में संसाधनों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लिखा था कि 610 बेड के एम्स के लिए 2,900 पद स्वीकृत होने चाहिए थे। लेकिन अब तक 1,626 पदों को ही मंजूरी दी गई है। एम्स में ओपीडी और प्रशासनिक ब्लॉक, छात्रों के लिए छात्रावास, गेस्ट हाउस और नर्सिंग, पैरामेडिकल और आयुष विभागों के लिए ब्लॉक सहित आवश्यक बुनियादी संसाधनों की कमी है। अतिरिक्त पदों के लिए एक प्रस्ताव फरवरी, 2024 में मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया था।
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डीपीआर प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन संस्थान की ओर से सभी आवश्यक विवरण प्रदान करने के बावजूद इन परियोजनाओं में देरी हुई। सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया था कि मामले में हस्तक्षेप कर मुद्दों का समाधान कराएं। पत्र मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को उनके पत्र का जवाब दिया है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि मुझे आपका पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें एम्स रायबरेली में जनशक्ति की कमी और आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी के बारे में बताया गया है। मैं इस मामले की जांच संबंधित विभाग से करवा रहा हूं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के गंभीर होने के बाद एम्स में स्टाफ और संसाधनों की कमी से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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