फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Censors will help to water plants when its needed.

Lucknow: पौधा बताएगा मैं प्यासा हूं...मीलों दूर रहकर भी दे सकेंगे पानी, फोन पर मिल जाएगी सूचना

Wed, 12 Jun 2024 01:20 PM IST
ishwar ashish विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 12 Jun 2024 01:20 PM IST
सार

पौधों को पानी की जरूरत होगी तो आपके फोन पर एक मैसेज आ जाएगा। आप दूसरा मैसेज भेज कर पंप को सक्रिय कर सकेंगे। एकेटीयू के छात्र ने ये तकनीक ईजाद की है।

विज्ञापन
Censors will help to water plants when its needed.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

घर के गमलों या बागवानी में लगे पौधों, सब्जियों और फूलों को सिंचाई की जरूरत महसूस होने पर अब उनकी तरफ से आपके फोन पर मैसेज आ जाएगा। जवाब में आपकी तरफ से भेजे गए मैसेज से सक्रिय डिवाइस पौधों की सिंचाई कर देगी। पौधों को पर्याप्त पानी मिलने पर फिर आपके मोबाइल पर सूचना मिल जाएगी और आप सिस्टम को बंद कर सकेंगे। इसकी खासियत यह है कि आप मीलों दूर रहकर भी अपनी बागवानी की देखभाल कर पाएंगे।

विज्ञापन


एकेटीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) कॉलेज के कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्र अंशित श्रीवास्तव ने यह तकनीक ईजाद की है। उन्होंने ऐसी प्रोग्रामिंग तैयार की है, जिससे मल्टिपल सेंसर युक्त डिवाइस और मोबाइल का उपयोग कर मैसेज के माध्यम से पूरा नेटवर्क काम करेगा। इस सिस्टम की मदद से समय पर पौधों को पानी दे कर हम उन्हें हरा-भरा रख सकेंगे। आज जब पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और पर्यावरण की उपेक्षा से बढ़ते तापमान के कारण दुनिया गर्म भट्ठी में तब्दील हो रही है, ऐसे में वातावरण को हरा-भरा रखने में यह तकनीक बेहद मददगार साबित होगी। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अयोध्या में भाजपा की हार पर रार... सोशल मीडिया पर अब अयोध्या के खिलाफ तरकश के नए तीर; फोटो और वीडियो वायरल
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - विधानसभा उपचुनाव में भी हांफा हाथी, बसपा का ये फैसला बना नुकसानदायक; अब आगे चंद्रशेखर से भी मिलेगी चुनौती


ऐसे काम करेगा यह रिमोट वाटरिंग सिस्टम
अंशित ने बताया कि गमलों और पौधों के पास एक रिसीवर, सेंसर व एंड्रायड सिस्टम लगा रहेगा। पानी की आवश्यकता होने पर इससे हमारे मोबाइल पर संदेश मिल जाएगा। सिंचाई के लिए जैसे ही हम टेक्स्ट मैसेज या व्हाटसएप संदेश रिमोट वाटरिंग सिस्टम को भेजेंगे, वाइब्रेशन के साथ ट्रिगर सेंसर एक्टिव हो जाएगा और पानी का पंप चालू हो जाएगा।

डिवाइस में टाइमर लगा होगा, जिससे आवश्यकतानुसार सिंचाई पूरी हो जाने के बाद मैसेज से तत्काल सूचना मिल जाएगी और फोन से ही पंप को बंद किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि डिवाइस को बनाने में गियर मेकेनिकल स्विच, 12 वोल्ट पंप, 220 वोल्ट पंप-मैसेज ट्रिगर सेंसर और एक एंड्रॉयड मोबाइल का इस्तेमाल किया गया है।

पर्यावरण के लिए मददगार तकनीक

Censors will help to water plants when its needed.
छात्र अंशित श्रीवास्तव। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक अधिकारी सुमित श्रीवास्तव का कहना है कि पर्यावरण दिवस या अन्य मौकों पर पौधरोपण तो किया जाता है, लेकिन पानी और देखभाल के अभाव में पौधे सूख जाते हैं। इस डिवाइस के विकसित हो जाने से घर या शहर से बाहर होने पर भी हम अपनी बागवानी, पौधों व सब्जियों की मोबाइल के जरिए सिंचाई कर सकेंगे। पर्यावरण के लिए यह तकनीक बेहद मददगार साबित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed