आईआईटी बॉम्बे के रसायनशास्त्री प्रो. राघवन बी सुनोज के मुताबिक एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का इस्तेमाल करके रासायनिक अभिक्रियाओं की सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है। प्रो. सनोज सोमवार को सीएसआईआर–केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार श्रृंखला के तहत आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे।
प्रो. सुनोज ने बताया कि किसी अणु की संरचना उसके रासायनिक गुणों और व्यवहार को निर्धारित करती है। एआई तकनीक उपलब्ध वैज्ञानिक डेटा के विश्लेषण से इन संबंधों को समझने में सहायक है। इन तकनीकों का इस्तेमाल दवा खोज, उत्प्रेरक विकास और सामग्री विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है। इस मौके पर डॉ. अरविंद के. क्षत्री ने दिया। व्याख्यान के बाद आयोजित संवाद सत्र में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस मौके पर डॉ. प्रेम प्रकाश यादव मौजूद रहे।