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अब कैमरे की निगाह में बहेगी गोमती नदी

Thu, 12 Feb 2015 03:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ।
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ। Updated Thu, 12 Feb 2015 03:23 PM IST
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CCTV camera on gomti river.

गोमती नदी के सफाई अभियान के दौरान नदी की स्थिति पर नजर रखने के लिए क्लोज सर्किट कैमरों की मदद ली जाएगी। इन्हें कुड़ियाघाट पर लगाया जाएगा, जहां से नदी की मॉनीटरिंग की जा सके। इसी तरह कुछ और कैमरे बैराज पर भी लगाए जा रहे हैं, जहां से पानी की आवक और उसके स्तर पर नजर रखी जा सके।

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वहीं, बुधवार को कुड़ियाघाट के निकट नदी के लिए बंधा बनने के बाद अतिरिक्त पानी निकालने के लिए बनाई गई बाईपास नहर के तेज बहाव से भूमि में कटान देखने को मिला। इसे रोकने के लिए सिंचाई विभाग बाईपास नहर में दो और बाधाएं बना रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इससे गोमा का गुस्सा शांत होगा और कटान नहीं बढ़ेगा।
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गोमती में पानी की आवक और जलस्तर पर नजर रखने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। कैमरों की मदद से सिंचाई विभाग और सरकार बिना साइट पर गए यह जान सकेगी कि नदी की स्थिति क्या है। इसी तरह के कैमरे बैराज पर भी लगाकर निगरानी की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि कई नागरिक कार्य स्थल के खतरनाक क्षेत्रों में लगातार जा रहे हैं। वे श्रमिकों के रोकने से भी नहीं रुक रहे और अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसे में पुलिस की मौजूदगी जरूरी है।

तेजी से नदी खाली की तो पुलों पर खतरा

CCTV camera on gomti river.

फिलहाल बैराज पर नदी से पानी की निकासी को धीमा रखा गया है। इसके दस गेटों में से अधिकतर को बुधवार को बंद रखा गया। वहीं, कुछ गेट 10 से 15 सेमी खोले गए, लेकिन उनसे बहुत निकासी नहीं हुई है। जानकार बता रहे हैं कि नदी के खाली होने में अभी लंबा समय लग सकता है।

जानकारों का कहना है कि नदी पर लालपुल, डालीगंज पुल, बैराज, गांधी सेतु व निशातगंज फ्लाइओवर जैसे कई पुल हैं, जिनके बेस हमेशा पानी में डूबे रहे हैं। यहां से पानी का अचानक हटना क्या परिणाम दिखाए कहा नहीं जा सकता।

वहीं, अधीक्षण अभियंता रूप सिंह ने बताया कि सुरक्षा वजहों से नदी को धीमी गति से खोलना ही इंजीनियरिंग के लिहाज से सही निर्णय है। उन्होंने कहा कि कुड़ियाघाट का बंधा अभी ताजा है और नदी धीरे-धीरे खाली होने से इसे मजबूत होने के लिए समय मिल रहा है।

बाईपास नहर से कटान, रोकने में जुटा विभाग दूसरी ओर बाईपास नहर से हो रहे कटान को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ जगह पर नदी का तेज बहाव होने से मिट्टी दरकी है, लेकिन यह क्षेत्र नदी का ही हिस्सा है।

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