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उन्नाव रेप केस में विधायक पर सिर्फ आरोप, गिरफ्तारी पर CBI लेगी फैसला: यूपी पुलिस

Thu, 12 Apr 2018 10:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 12 Apr 2018 10:57 AM IST
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CBI will investigate the unnao case
प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस। - फोटो : ani
उन्नाव मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। लखनऊ के शास्त्री भवन मीडिया सेंटर में गुरुवार को प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस बात की पुष्टि की।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि आरोपों के आधार पर विवोचना सीबीआई को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि कुलदीप सिंह पर केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ितों के बयान के आधार पर टीम जांच करेगी। सारे केस सीबीआई को ही ट्रांसफर किए जाएंगे। वह अपनी जांच के हिसाब से निर्णय लेगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विधायक की गिरफ्तारी पर सीबीआई ही फैसला लेगी।
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डीजीपी ने कहा कि विधायक कुलदीप सिंह पर सिर्फ आरोप लगे हैं, वह अभी दोषी करार नहीं हुए हैं। पर्याप्त सुबूत के आधार पर उन पर कार्रवाई की गई है। एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि पुलिस किसी का बचाव नहीं कर रही है। पीड़ित पक्ष के बयान लिए गए हैं। पीड़ित को सुरक्षा भी मुहैया करा दी गई है। एसआईटी अपना काम कर रही है।
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मालूम हो कि बुधवार को पीड़िता के गांव पहुंचे एडीजी राजीव कृष्णा और एसआईटी ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी बताया था। टीम ने कुलदीप सिंह सेंगर को मारपीट की साजिश रचने का आरोपी बताया, जबकि विधायक के भाई अतुल सिंह को पीड़िता के पिता के साथ मारपीट में दोषी पाया गया है।

इसके बाद आरोपी विधायक के खिलाफ FIR दर्ज की गई। उनके खिलाफ धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए थे और सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया था।

यही नहीं, पीड़िता के पिता की इलाज में लापरवाही पर दो डॉक्टरों और एक सीओ को निलंबित भी कर दिया गया है।

उन्नाव पुलिस भी मामले में दोषी, हटाई जा सकती हैं एसपी

CBI will investigate the unnao case
एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्णा - फोटो : amar ujala
एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्णा के नेतृत्व में गठित इस टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में विधायक और रेप पीड़िता के परिवारों के बीच पुरानी रंजिश की भी बात सामने आई है। एसआईटी ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच का भी सुझाव दिया है और उन्नाव पुलिस को भी मामले में दोषी माना है। रिपोर्ट में वहां की एसपी पुष्पांजलि को हटाने की संस्तुति की बात भी की जा रही है और पुलिस अफसरों पर कदम-कदम पर लापरवाही बरतने का जिक्र किया गया है।

मालूम हो कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब की थी। इसके मद्देनजर डीजीपी ने एसआईटी गठित कर उन्नाव भेजा था। यह टीम बुधवार को उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र में स्थित पीड़िता के घर पहुंची। वहां दो घंटे से भी ज्यादा समय तक पीड़िता व उसके परिवारीजनों से बात की। विधायक पक्ष के भी पांच लोगों से पूछताछ की गई। एसआईटी ने उन्नाव के डीएम व एसपी से अलग से मीटिंग कर जानकारी ली।
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