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देवरिया कांड: हाईकोर्ट के आदेश पर ही सीबीआई हाथ में लेगी केस, मैनपावर की कमी बनी मुसीबत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:53 PM IST
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देवरिया संरक्षण गृह मामले की सीबीआई जांच अब हाईकोर्ट के रुख पर निर्भर हो गई है। अगर वह आदेश करेगा तभी एजेंसी अपने हाथ में यह केस लेगी। फिलहाल, अभी काम के अधिक बोझ व मैनपावर की कमी के चलते सीबीआई ने यह केस दर्ज नहीं किया है।
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शुरुआत में सीबीआई ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए काफी दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन जब एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई तो उसको इस केस में अधिक दम नजर नहीं आया। इसके पहले दिल्ली में बैठे सीबीआई अफसर यूपी सरकार से आग्रह कर रहे थे कि वह जांच के लिए जल्द सिफारिश भेजे। इस पर सरकार ने नौ अगस्त को अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी थी।
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इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका काफी संदिग्ध रही है। इसका खुलासा एसआईटी ने अपनी जांच में किया है। इस आधार पर देवरिया के मौजूदा एसपी रोहन पी कनय व पूर्व एसपी राकेश शंकर को हटा दिया गया था और विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे।
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बता दें कि इस समय सीबीआई पर काम का काफी दबाव है। वह कई बड़े मामलों की जांच कर रही है। इनमें अनाज घोटाला, एनआरएचएम घोटाला, खनन घोटाला, सचल पालना गृह घोटाला, मनरेगा घोटाला के अलावा उन्नाव गैंगरेप केस-हत्याकांड, श्रवण साहू हत्याकांड समेत दर्जन भर मामले शामिल हैं, लेकिन तफ्तीश के लिए सीबीआई के पास अभी सिर्फ 32 इंस्पेक्टर, 10 सब इंस्पेक्टर व सात पुलिस उपाधीक्षक ही हैं।