{"_id":"698f89a24c452fe5700485ee","slug":"cash-eclipses-hope-for-treatment-at-kgmu-lucknow-news-c-13-lko1096-1604486-2026-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: केजीएमयू में इलाज की उम्मीद को कैश का ग्रहण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: केजीएमयू में इलाज की उम्मीद को कैश का ग्रहण
विज्ञापन
केजीएमयू में ऑनलाइन भुगतान न होने से मरीज व तीमारदार परेशान।
लखनऊ। केजीएमयू में डिजिटल इंडिया के दावों की हवा निकल गई है। ढाई महीनों से नया सॉफ्टवेयर आने के बाद ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा ठप पड़ी है। शुक्रवार को रही-सही कसर पुराने ओपीडी स्थित एटीएम के खाली होने ने पूरी कर दी। नतीजा यह रहा कि दूर-दराज से आए दर्जनों मरीज और उनके तीमारदार बिना इलाज और दवा के ही बैरंग लौटने को मजबूर हो गए।
संवाद न्यूज़ एजेंसी की पड़ताल में यूरोलॉजी विभाग के बाहर हृदयविदारक स्थिति दिखी। बख्शी का तालाब से आए पोलियो ग्रस्त दिव्यांग सूरज अपनी बीमारी का दर्द लिए लड़खड़ाते कदमों से कैश के लिए इधर-उधर दौड़ते रहे। उनके पास बैंक खाते में थे, लेकिन काउंटर पर यूपीआई स्वीकार नहीं हुआ और एटीएम में कैश नहीं था। अंततः सूरज को बिना इलाज वापस जाना पड़ा।
गुमराह कर रहे काउंटरों पर लगे डिजिटल पेमेंट के संदेश
अंबेडकरनगर के गौरव ने बताया कि वह एक घंटे तक लाइन में लगे रहे। जब नंबर आया तो ऑनलाइन पेमेंट लेने से मना कर दिया गया। इस पर वह दोपहर 3 बजे कैश के लिए एटीएम पर पहुंचे। लौटे तो देर हो चुकी थी। इससे इलाज नहीं हो सका। उन्होंने काउंटर पर लिखे डिजिटल पेमेंट स्वीकार है के संदेश ने उन्हें भ्रम में रखा। जब तक वह कैश की व्यवस्था कर पाते, काउंटर बंद हो चुका था।
विज्ञापन
एचआरएफ पर भी कैश की ही मांग
सिद्धार्थनगर के रामशरण ने बताया कि अस्पताल की एचआरएफ फार्मेसी पर भी ऑनलाइन पेमेंट नहीं लिया जा रहा है, जिससे दवाएं लेना नामुमकिन हो गया।
आईटी सेल की सुस्ती पर उठे सवाल
नया सॉफ्टवेयर आने के बाद से उपजी इस समस्या को ढाई महीने बीत चुके हैं, लेकिन केजीएमयू का आईटी सेल इसे अब तक ठीक नहीं कर पाया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे खुद लाचार हैं, क्योंकि सिस्टम सपोर्ट नहीं कर रहा है।
I
I
I
I
Iजिन जगहों पर सुविधा बंद है, उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। कुछ केंद्रों पर डिजिटल सेवा बहाल हो गई है। तकनीकी खामियों को जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। एटीएम में भी नकदी की व्यवस्था करा दी गई है।
I
I
I
I-डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI
विज्ञापन
संवाद न्यूज़ एजेंसी की पड़ताल में यूरोलॉजी विभाग के बाहर हृदयविदारक स्थिति दिखी। बख्शी का तालाब से आए पोलियो ग्रस्त दिव्यांग सूरज अपनी बीमारी का दर्द लिए लड़खड़ाते कदमों से कैश के लिए इधर-उधर दौड़ते रहे। उनके पास बैंक खाते में थे, लेकिन काउंटर पर यूपीआई स्वीकार नहीं हुआ और एटीएम में कैश नहीं था। अंततः सूरज को बिना इलाज वापस जाना पड़ा।
विज्ञापन
गुमराह कर रहे काउंटरों पर लगे डिजिटल पेमेंट के संदेश
अंबेडकरनगर के गौरव ने बताया कि वह एक घंटे तक लाइन में लगे रहे। जब नंबर आया तो ऑनलाइन पेमेंट लेने से मना कर दिया गया। इस पर वह दोपहर 3 बजे कैश के लिए एटीएम पर पहुंचे। लौटे तो देर हो चुकी थी। इससे इलाज नहीं हो सका। उन्होंने काउंटर पर लिखे डिजिटल पेमेंट स्वीकार है के संदेश ने उन्हें भ्रम में रखा। जब तक वह कैश की व्यवस्था कर पाते, काउंटर बंद हो चुका था।
विज्ञापन
एचआरएफ पर भी कैश की ही मांग
सिद्धार्थनगर के रामशरण ने बताया कि अस्पताल की एचआरएफ फार्मेसी पर भी ऑनलाइन पेमेंट नहीं लिया जा रहा है, जिससे दवाएं लेना नामुमकिन हो गया।
आईटी सेल की सुस्ती पर उठे सवाल
नया सॉफ्टवेयर आने के बाद से उपजी इस समस्या को ढाई महीने बीत चुके हैं, लेकिन केजीएमयू का आईटी सेल इसे अब तक ठीक नहीं कर पाया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे खुद लाचार हैं, क्योंकि सिस्टम सपोर्ट नहीं कर रहा है।
I
I
I
I
Iजिन जगहों पर सुविधा बंद है, उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। कुछ केंद्रों पर डिजिटल सेवा बहाल हो गई है। तकनीकी खामियों को जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। एटीएम में भी नकदी की व्यवस्था करा दी गई है।
I
I
I
I-डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI

केजीएमयू में ऑनलाइन भुगतान न होने से मरीज व तीमारदार परेशान।

केजीएमयू में ऑनलाइन भुगतान न होने से मरीज व तीमारदार परेशान।

केजीएमयू में ऑनलाइन भुगतान न होने से मरीज व तीमारदार परेशान।

केजीएमयू में ऑनलाइन भुगतान न होने से मरीज व तीमारदार परेशान।