{"_id":"6393303b2a6e82395e11ede2","slug":"case-of-northern-railway-construction-department-cbi-reached-the-office-of-deputy-ce-5","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तर रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग का मामला : डिप्टी सीई-5 के दफ्तर पहुंची सीबीआई, तफ्तीश में मिले अहम सबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तर रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग का मामला : डिप्टी सीई-5 के दफ्तर पहुंची सीबीआई, तफ्तीश में मिले अहम सबूत
Sun, 11 Dec 2022 08:31 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 11 Dec 2022 08:31 PM IST
सार
एक दिसम्बर को सीबीआई की टीम ने उत्तर रेलवे के चारबाग स्थित कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के उपमुख्य अभियंता अरुण कुमार मित्तल को ठेकेदार से रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने मित्तल के ठिकानों से 1.38 करोड़ रुपये भी बरामद किए।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग केचारबाग स्थित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर कार्यालय पर शुक्रवार को फिर से सीबीआई पहुंची। सीबीआई के आने से कार्यालय में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन कुछ अफसर व कर्मचारी अपने कमरों से निकलकर बाहर चले गए। सीबीआई ने डिप्टी सीई-5 से पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो सीबीआई के हाथ अहम सबूत लगे हैं, जिससे विभाग में भ्रष्टाचार की कई परतें खुलेंगी।
विज्ञापन
दरअसल, गत एक दिसम्बर को सीबीआई की टीम ने उत्तर रेलवे के चारबाग स्थित कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के उपमुख्य अभियंता अरुण कुमार मित्तल को ठेकेदार से रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने मित्तल के ठिकानों से 1.38 करोड़ रुपये भी बरामद किए। मित्तल पर चारबाग परियोजना में काम कर रही एक फर्म का बिल पास करने के एवज में एक ठेकेदार से रिश्वत मांगने का आरोप था, जिसमें सीबीआई ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
सीबीआई सूत्रों के अनुसार इसके बाद टीम मामले की जांच को लेकर टीम हजरतगंज स्थित डीआरएम कार्यालय भी गई थी, जहां एकाउंट डिपार्टमेंट में पूछताछ भी की और ठेकेदारों को पिछले दो साल केदौरान निर्माण कार्यों के लिए हुए भुगतान के बाबत जानकारियां लीं। वहीं चारबाग स्थित कंस्ट्रक्शन विभाग के कार्यालय के नए भवन की भी जांच-पड़ताल हुई, जिससे घबराए ठेकेदारों ने काम ठप कर दिया। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो सीबीआई एक ओर जहां ठेकेदारों की सूची तलब कर रही है। वहीं दूसरी ओर आला अफसरों से तफ्तीश भी तेज हो रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को सीबीआई की टीम कंस्ट्रक्शन विभाग पहुंची और डिप्टी चीफ इंजीनियर-5 के कार्यालय गई, जहां अफसर से योजनाओं, ठेकेदारों, एके मित्तल व भ्रष्टाचार से जुड़े तमाम सवालात किए गए। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई के हाथ परियोजनाओं के बाबत कई अहम सबूत लगे हैं, जिससे करोड़ों रुपये केघोटालों की परतें खुलनी तय मानी जा रही हैं।
विज्ञापन
आठ डिप्टी सीई हैं कंस्ट्रक्शन विभाग में
उत्तर रेलवे के चारबाग स्थित कंस्ट्रक्शन विभाग में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर (सीपीएम) हैं। इसके अतिरिक्त आठ डिप्टी चीफ इंजीनियर(सीई) भी हैं। इसमें पांच डिप्टी सीई सिविल कार्यों से जुड़ी परियोजनाओं का कामकाज देखते हैं। जबकि एक इलेक्ट्रिकल के डिप्टी सीई तथा दो सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन के डिप्टी सीई हैं।
मित्तल का कामकाज देख रहे हैं डिप्टी सीई-5
कंस्ट्रक्शन विभाग के अफसर बताते हैं कि सिविल में पांच डिप्टी सीई हैं। इसमें एकेमित्तल डिप्टी सीई-4 थे। सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी केबाद उनका कामकाज डिप्टी सीई-5 को सौंप दिया गया। जहां शुक्रवार को सीबीआई अधिकारी उनके कार्यालय पहुंचे थे और मित्तल की देखरेख में चल रही परियोजनाओं के बाबत भी जानकारी हासिल की।