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खुद पर गोली चलवाने का मामला : भाजपा सांसद के बेटे की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Fri, 12 Mar 2021 11:24 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 12 Mar 2021 11:24 PM IST
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आयुष किशोर व उसकी पत्नी।
- फोटो : amar ujala
भाजपा सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष किशोर को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। याची ने गिरफ्तारी पर रोक के आग्रह वाली याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने उसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 का लाभ देते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया। फिलहाल आयुष की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। वहीं, पुलिस ने आयुष को नोटिस भेजकर शनिवार को बयान दर्ज कराने को कहा है।
न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश आयुष की याचिका पर दिया। याची ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देकर गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने प्राथमिकी में दर्ज अपराधों में सात साल से कम की सजा होने के मद्देनजर यह आदेश दिया।
पुलिस ने आयुष और उनके रिश्तेदार आदर्श सिंह के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, जालसाजी आदि के आरोपों के तहत मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें कथित तौर पर फायरिंग के जरिए झूठे मामलों में बिजनेस पार्टनर्स को फंसाने की साजिश रचने के आरोप थे। इसके बाद से आयुष को पुलिस तलाश रही थी। मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही आयुष ने संबंधित कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की थी। इस दौरान आयुष ने कहा था कि मामले में पुलिस उसे तलाश कर रही है व उसके ठिकानों पर छापे डाल रही है। उसे मारपीट कर जेल भेजना चाहती है। जबकि वह स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करना चाहता है।
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न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश आयुष की याचिका पर दिया। याची ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देकर गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने प्राथमिकी में दर्ज अपराधों में सात साल से कम की सजा होने के मद्देनजर यह आदेश दिया।
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पुलिस ने आयुष और उनके रिश्तेदार आदर्श सिंह के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, जालसाजी आदि के आरोपों के तहत मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें कथित तौर पर फायरिंग के जरिए झूठे मामलों में बिजनेस पार्टनर्स को फंसाने की साजिश रचने के आरोप थे। इसके बाद से आयुष को पुलिस तलाश रही थी। मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही आयुष ने संबंधित कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की थी। इस दौरान आयुष ने कहा था कि मामले में पुलिस उसे तलाश कर रही है व उसके ठिकानों पर छापे डाल रही है। उसे मारपीट कर जेल भेजना चाहती है। जबकि वह स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करना चाहता है।
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