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सैनिक स्कूल में छात्र के डूबने का मामला: मौत के बाद जागे जिम्मेदार, चार बर्खास्त, स्कूल के हाउस मैट्रन निलंबित

Mon, 11 Sep 2023 09:49 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 11 Sep 2023 09:49 PM IST
सार

सैनिक स्कूल के स्वीमिंग पूल में 11वीं के छात्र ओम की डूबकर हुई मौत के मामले में आखिरकार जिम्मेदार जाग गए। स्कूल प्रशासन ने सोमवार स्वीमिंग प्रशिक्षण देने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया। कार्रवाई के बारे में प्रधानाचार्य ने मंडलायुक्त समेत विभागीय अफसरों व शासन को जानकारी दी है।

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Case of drowning of student in Sainik School: Responsible woke up after death, four dismissed
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सैनिक स्कूल के स्वीमिंग पूल में 11वीं के छात्र ओम की डूबकर हुई मौत के मामले में आखिरकार जिम्मेदार जाग गए। स्कूल प्रशासन ने सोमवार स्वीमिंग प्रशिक्षण देने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया। निजी कंपनी के चार कर्मचारियों को बर्खास्त किया और स्कूल के हाउस मैट्रन को निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बारे में प्रधानाचार्य ने मंडलायुक्त समेत विभागीय अफसरों व शासन को जानकारी दी है।

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मंडलायुक्त ने सोमवार को नोटिस जारी कर स्कूल के प्रधानाचार्य से पूछा था कि अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई? जिसके बाद आनन-फानन में स्कूल प्रशासन ने जिस कंपनी स्टेंडर्ड मल्टीटेक स्वीमिंग पूल वाटर ट्रीटमेंट से स्वीमिंग प्रशिक्षण का करार हुआ था उसको ब्लैक लिस्ट कर दिया। सेवा प्रदाता कंपनी के चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। इसमें स्वीमिंग कोच सत्या चौहान, लाइफ गार्ड हिमांशु शर्मा, गेट कीपर अमरदीप और बलराम पांडेय शामिल हैं। इसके अलावा स्कूल के हाउस मैट्रन राजीव कुमार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के पीछे हवाला दिया गया कि जांच प्रभावित न हो इसलिए उन पर निलंबन की कार्रवाई गई है।

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सबसे बड़ा सवाल...आखिर पहले क्यों नहीं बरती सतर्कता
जब मंडलायुक्त से लेकर अन्य अफसरों ने सखख्रुख अपनाया। तब स्कूल प्रशासन ने निजी कंपनी और उसके कर्मचारियों पर कार्रवाई की। स्कूल के सिर्फ एक कर्मचारी पर कार्रवाई की गई। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर पहले सतर्कता क्यों नहीं बरती गई? जब छात्र की जान चली गई तब ये स्कूल प्रशासन जाग गया। परिजन लगातार बस यही आरोप लगा रहे कि ओम की मौत की स्कूल प्रशासन की लापरवाही है। उनका कहना है कि छात्र की देखरेख आदि की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की थी। निजी कंपनी के लोगों ने क्या किया क्या नहीं इससे क्या फर्क पड़ता है।

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