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अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह की याचिका पर दर्ज हुआ इकबाल अंसारी के खिलाफ केस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: योगेश साहू Updated Sat, 21 Sep 2019 04:07 AM IST
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वर्तिका सिंह व इकबाल अंसारी
वर्तिका सिंह व इकबाल अंसारी - फोटो : amar ujala

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राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद मामले के मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह की याचिका पर कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार थाना राम जन्मभूमि में धारा 147, 504, 505 (2) व 506 के तहत यह मुकदमा दर्ज हुआ है। कोर्ट में दी गई याचिका में वर्तिका सिंह ने इकबाल अंसारी पर मारपीट का आरोप लगाया था।
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बता दें राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी समेत पांच के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के लिए कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया था। यह आदेश अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह की अर्जी को स्वीकार करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह की अदालत ने दिया था। मामले में थानाध्यक्ष, रामजन्मभूमि को अनुपालन आख्या तीन दिन के अंदर अदालत में प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। 


सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता संगीता सिंह व हाईकोर्ट लखनऊ बेंच के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र के रायचंदपुर निवासी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह ने आरोप लगाया कि तीन सितंबर को वह लखनऊ से अपने ममेरे भाई प्रभु दयाल सिंह के साथ अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि के दर्शन करने आई थीं। जहां राम मंदिर निर्माण के संबंध में कुछ लोगों से चर्चा हुई। इस दौरान कुछ लोग मुझे इकबाल अंसारी के घर ले गए। 

उन्होंने बताया कि वहां दिन में करीब एक बजे वह मिले। उनके यहां तीन महिलाएं, एक लड़का व उनके सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। इकबाल अंसारी से वर्तिका ने कहा कि चाचा हम मंदिर-मस्जिद के लिए आपस में क्यों लड़ते हैं यह तो ऊपर वाले को याद करने के लिए होता है। तब उन्होंने कहा कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी व यूपी के सीएम सत्ता में बने रहने के लिए राजनीति कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं अंसारी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे। 

अधिवक्ता सिंह और त्रिपाठी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए वर्तिका सिंह ने बीते छह सितंबर को एसएसपी अयोध्या, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जरिए स्पीड पोस्ट और मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी की लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। तब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले में संगीन अपराध का होना पाते हुए एफआईआर दर्ज करके विवेचना करने का आदेश दिया।

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