{"_id":"5f2fd5168ebc3e3cc5437ade","slug":"carelessness-of-nodal-officers-of-control-room-in-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी पड़ताल में पकड़ी गई अफसरों की लापरवाही, इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी पड़ताल में पकड़ी गई अफसरों की लापरवाही, इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी गायब
Sun, 09 Aug 2020 04:21 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लानऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लानऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 09 Aug 2020 04:21 PM IST
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर बनाए गए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम पर घोर लापरवाही सामने आई है। सरकारी पड़ताल में इन केंद्रों पर न तो नोडल अधिकारी मिले और न ही सहायक नोडल अधिकारी। ऐसे 40 जिलों के जिलाधिकारियों से सरकार ने जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम की सक्रियता की पड़ताल के लिए अपने ऑफिस के अधिकारियों को निर्देशित किया था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों ने शुक्रवार को लखनऊ छोड़ प्रदेश के सभी इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के फोन पर संपर्क कर इसकी पड़ताल की। इन कंट्रोल रूम के लिए जिलास्तर से नोडल अधिकारी व सहायक नोडल अधिकारी तैनात हैं। पड़ताल में 74 में से आठ जिलों के कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी स्वयं मिले। 26 में सहायक नोडल अधिकारी मिले। 21 जिलों में न नोडल अधिकारी मिले न ही सहायक नोडल अधिकारी।
विज्ञापन
यहां क्लर्क ग्रेड के कर्मियों ने फोन उठाया, 19 जिलों के कंट्रोल रूम का फोन ही नहीं मिला अधिकारी ने बताया कि जहां क्लर्क ग्रेड के कर्मियों ने फोन उठाया वहां और जहां का फोन ही नहीं मिला, ऐसे 40 जिलों के डीएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही सभी जिलों के डीएम को इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम की व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश अलग से दिए जा रहे हैं।