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Lucknow News: क्राफ्ट पेपर के दाम बढ़ने से संकट में गत्ता उद्योग

Fri, 05 Jun 2026 03:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 03:00 AM IST
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Cardboard industry in trouble due to increase in price of kraft paper
आशीष गुप्ता
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लखनऊ। लगातार उत्पादन लागत बढ़ने से शहर के प्रमुख उद्योगों में से एक कोरूगेटेड इंडस्ट्री (गत्ता उद्योग) संकट में है। उद्यमियों के मुताबिक गत्ते में क्राफ्ट पेपर 80 फीसदी तक इस्तेमाल होता है। क्राफ्ट पेपर 15-20 प्रतिशत महंगा हो गया है। इसका दाम 29 रुपये से बढ़कर 36 रुपये प्रति किलो हो गया है। इसके अलावा गोंद, स्याही, एडहेसिव प्लास्टिक, स्टेपल व स्ट्रैपिंग वायर जैसे जरूरी घटक भी 30-40 फीसदी तक महंगे हुए हैं। इससे फैक्टरियों के संचालन में समस्या आ रही है। अगर कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई और सरकार से समर्थन न मिला तो उद्योगों का संचालन मुश्किल हो जाएगा।



जीएसटी के उल्टे नियम से फंस रही पूंजी



इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष व कोरुगेट इंडस्ट्री से जुड़े विकास खन्ना बताते हैं कि हम कच्चे माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी देते हैं, और तैयार उत्पाद पर 5 प्रतिशत जीएसटी हासिल करते हैं। शेष 13 प्रतिशत जीएसटी का रिफंड भी नहीं मिलता है। इससे तमाम मुसीबतों के बीच धीरे धीरे हमारी कार्यशील पूंजी भी घटती जा रही है।
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बढ़ी मजदूरी के बाद भी नहीं मिल रहे श्रमिक
नादरगंज में गत्ता फैक्ट्री चलाने वाले देवेश चंद्र अग्रवाल बताते हैं कि सिलिंडर की उपलब्धता अब भी 25-30 प्रतिशत ही है। इससे आधा उत्पादन ही हो पा रहा है। मजदूरी बढ़ाने के बाद भी श्रमिक नहीं मिलते हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है। सरकार को उद्यमियों को राहत देनी चाहिए।
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50 बड़ी फैक्टरियों से सालाना 400-500 करोड़ का है कारोबार

राजधानी में कोरुगेशन से जुड़ी इंडस्ट्री में करीब 50 फैक्टरियां मझोले और बड़े स्तर की हैं, जिनसे सालाना 400-500 करोड़ का कारोबार होता है। इसमें भी आधे से ज्यादा फैक्टरियां सिलिंडर प्लांट वाली ही हैं। ऑटोमेटिक व इलेक्ट्रिक प्लांट वाली फैक्टरियां 15-20 ही हैं। इलेक्ट्रिक प्लांट वाली कंपनियों को सिर्फ लागत बढ़ने और ऑर्डर न मिलने का नुकसान है। वहीं, सिलिंडर से चलने वाली फैक्टरियां लागत बढ़ने के साथ साथ उत्पादन भी महज आधा या उससे ज्यादा कर पा रही हैं। इससे पिछले दो महीने में ही इंडस्ट्री को 70-80 करोड़ तक का नुकसान हुआ है।
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