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लखनऊः डीआईजी के घर खड़ी मिली महिला दरोगा की कार, केस दर्ज

Wed, 04 Sep 2019 04:39 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 04 Sep 2019 04:39 PM IST
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car of sub inspector found in DIG's house in lucknow
डीआईजी के घर से बरामद कार - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के महानगर में दरोगा पूजा यादव के पति अवनेश द्विवेदी की कार हड़पने के केस में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। शाम सवा चार बजे महिला दरोगा महानगर में रहने वाले डीआईजी टेलीकॉम अनिल कुमार के घर पहुंची और वहां पोर्टिको पर पति की कार खड़ी होने की जानकारी देते हुए पुलिस को मौके पर बुलवा लिया।
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घर पर मौजूद डीआईजी को पता चला कि उक्त कार को हड़पने के आरोप में बरेली निवासी चंद्रपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज है तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि उक्त कार शिकायतकर्ता की पत्नी महिला दरोगा व ठगी का आरोपी चंद्रपाल सिंह खुद ही उनके घर पर खड़ी कर गए थे।
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यह सुनते ही पुलिस भी चकरा गई। फिलहाल कार को थाना भिजवा दिया गया है। सीओ महानगर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि महिला दरोगा, उसके पति और ठगी के आरोपी चंद्रपाल सिंह के बीच कोई मामला चल रहा है जिसकी जांच की जा रही है।
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सीओ ने बताया कि शाम को गौतमपल्ली में तैनात महिला दरोगा पूजा यादव ने अपने पति की कार डीआईजी के घर पर मिलने की सूचना दी थी। उक्त कार हड़पने का आरोप लगाते हुए पूजा यादव के पति अवनेश द्विवेदी ने दो दिन पहले ही महानगर कोतवाली में चंद्रपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

केस रफा दफा करने का लगाया आरोप

car of sub inspector found in DIG's house in lucknow
बरामद कार - फोटो : अमर उजाला
पुलिस मौके पर पहुंची और डीआईजी को कार हड़पने के आरोप में चंद्रपाल पर केस दर्ज होने की जानकारी दी तो वह हतप्रभ रह गए। डीआईजी ने बताया कि करीब 10-12 दिन पूर्व महिला दरोगा और चंद्रपाल सिंह खुद ही उक्त कार खड़ी करके गए थे। उन्होंने कार की चाबी पुलिस को दे दी। इस मामले में डीआईजी का कहना है कि चंद्रपाल से उनका कई साल पुराना परिचय है।

वह अक्सर महिला दरोगा के साथ घर आता जाता था। 10-12 दिन पहले भी रात के वक्त महिला दरोगा के साथ घर आया था। महिला दरोगा का कहना था कि वह कार चलाने की स्थिति में नहीं है इसलिए कार वहीं खड़ी कर दी। इसके बाद डीआईजी ने उसे खुद अपनी कार से घर छोड़ा था। उन्होंने कार हड़पने की एफआईआर होने की जानकारी से इनकार कर दिया।

उधर, महिला दरोगा के पति अवनेश द्विवेदी का कहना है कि वह अपनी कार किसी डीआईजी स्तर के अधिकारी के घर पर खुद खड़ी करके एफआईआर क्यों लिखवाएंगे। उन्होंने पुलिस पर डीआईजी के दबाव में काम करने और पूरा केस रफा-दफा करने का आरोप लगाया है।

डीआईजी की अपराधी से दोस्ती पर उठाया सवाल

car of sub inspector found in DIG's house in lucknow
बरामद कार - फोटो : अमर उजाला
अवनेश द्विवेदी ने डीआईजी टेलीकॉम अनिल कुमार की चंद्रपाल सिंह जैसे शातिर ठग से दोस्ती पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि चंद्रपाल के खिलाफ महानगर कोतवाली में ही ठगी के कई मुकदमे दर्ज हैं। राजस्थान और दिल्ली में भी कुछ एफआईआर होने की जानकारी मिली है। आखिर डीआईजी की ऐसे अपराधी से दोस्ती कैसे है? उन्होंने कहा कि कहीं डीआईजी की शह पर ही चंद्रपाल सिंह ठगी तो नहीं कर रहा है?

यह था मामला
महानगर कोतवाली में सीतापुर रोड योजना सेक्टर ए निवासी अवनेश द्विवेदी ने अपनी पत्नी व महिला दरोगा पूजा यादव के परिचित चंद्रपाल सिंह पर कार हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि चंद्रपाल सिंह ने अपनी ट्रैवल एजेंसी में कार चलवाने पर हर महीने 20 हजार रुपये कमाई का झांसा दिया था।

उन्होंने कार चंद्रपाल को दे दी। यही नहीं चंद्रपाल सिंह ने गैस एजेंसी का झांसा देकर भी उनसे 7.12 लाख रुपये और ऐंठ लिए। इसके बाद चंद्रपाल सिंह ने कार वापस की न ही रुपया लौटाया। छानबीन में पता चला कि चंद्रपाल की न ही ट्रैवल एजेंसी है न ही उसने गैस एजेंसी के लिए आवेदन किया है। उसकी कार चंद्रपाल खुद चला रहा है। इसके बाद उन्होंने केस दर्ज कराया।
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