कैंट बोर्ड के चुनाव का आदेश जारी
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छावनी परिषद के आम चुनाव को लेकर बुधवार को अटकलों पर विराम लग गया। रक्षा मंत्रालय ने अगले साल 11 जनवरी को देश की 62 में से 57 छावनियों में चुनाव कराने का आदेश जारी कर दिया।
मेरठ सहित पांच अन्य छावनियों में अभी चुनाव नहीं होंगे। उधर, चुनाव की सूचना मिलते ही छावनी में खुशी की लहर दौड़ गई।
अखिल भारतीय छावनी परिषद महासंघ ने इसे लोकतंत्र की बहाली के लिए उठाया गया कदम बताया है। उसने इसके लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।
नगर निगम की तरह छावनी परिषद सैन्य स्टेशनों व छावनियों का स्थानीय निकाय है जो वहां रहने वाले स्थानीय लोगों और सेना के जवानों, अधिकारियों व उनके परिवारों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराता है।
2008 में हुए थे चुनाव
छावनी परिषद का कार्यकाल पांच साल का होता है। इसके चुनाव 2008 में हुए थे। पांच साल बाद 13 जून 2013 को छावनी परिषद सदन को एक साल का विस्तार मिल गया।
छह जून 2014 को निर्वाचित सदन को भंग करके उसकी जगह वैरी बोर्ड लागू कर दिया गया। इसके बाद से अखिल भारतीय छावनी परिषद महासंघ लगातार आम चुनाव कराने की मांग कर रहा था।
पिछले दिनों महासंघ ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतन सिंघानिया के नेतृत्व में गृहमंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा था। सिंह ने जल्द चुनाव कराने का आश्वासन दिया थ।
इसके बाद मंत्रालय में उपमहानिदेशक कैंट केवी नेगी रेड्डी ने 11 जनवरी को चुनाव करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
उपमहानिदेशक ने सभी छावनियों को चुनाव संबंधी तैयारियां करने के आदेश दिए हैं। चुनाव से 45 दिन पहले लखनऊ छावनी परिषद में नोटिफिकेशन लागू होगा।