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भंग हो सकती हैं यूपी की आधा दर्जन छावनी परिषदें, 10 फरवरी को खत्म हो रहा कार्यकाल
Tue, 02 Feb 2021 04:33 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 02 Feb 2021 04:33 PM IST
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उत्तर प्रदेश की आधा दर्जन और देश की 55 छावनी परिषदों को भंग करने के संकेत मिल रहे हैं। छावनी परिषदों में होने वाले चुनाव का कार्यकाल दस फरवरी को खत्म हो रहा है। यह कार्यकाल कोरोना काल में दस अगस्त को छह महीने आगे बढ़ाया गया था।
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कोरोना के चलते चुनाव को दो बार स्थगित कर कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है। छावनी परिषदों में वर्तमान समय में चुने गए प्रतिनिधियों का कार्यकाल 10 फरवरी को खत्म होने जा रहा है।
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11 फरवरी को देश भर की छावनी परिषदों में नई परिषद को बिठाया जाना था। दस फरवरी को अब मात्र कुछ दिन ही रह गए हैं। अभी तक चुनाव करवाने के लिए रक्षा मंत्रालय के डीजी कार्यालय से कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। नियमों के अनुसार चुनाव को करवाने के लिए कम से कम 45 दिन पहले चुनावी समय सारिणी को प्रसारित करना होता है।
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दस फरवरी को कुछ दिन शेष रह गए हैं। जिससे चुनाव न होने के संकेत मिल रहे हैं। इस स्थिति में छावनी बोर्ड भंग होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश छावनी वेलफेयर एसोसिएशन राजकुमार सिंगला और उपाध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहा कि छावनी नियमों के अनुसार चुनावों को एक वर्ष में दो बार स्थगित होने के बाद छावनी बोर्ड को भंग कर आगामी एक वर्ष के लिए किसी व्यक्ति को नोमिनेट मेंबर बनाकर बिठा सकते हैं।