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टाटा की तर्ज पर चलाया जाएगा लखनऊ का कैंसर संस्थान, 805 करोड़ से ज्यादा होंगे खर्च
Tue, 20 Oct 2020 12:54 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 20 Oct 2020 12:54 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
लखनऊ में स्थापित होने वाले सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान एवं अस्पताल मुम्बई स्थित टाटा कैंसर इन्स्टीट्यूट की तर्ज पर चलाया जाएगा। यह देश में एक अग्रणी कैंसर संस्थान होगा जिसका लाभ उत्तर प्रदेश के साथ साथ अन्य राज्यों के भी हजारों मरीजों को मिलेगा। 54 बेड के साथ साथ और भी कई सुविधाओं से लेस इस सुपर स्पेशयलिटी संस्थान की ओपीडी ब्लॉक का वर्चुअल उद्घाटन और डॉक्टरों के लिए आवासीय भवन का शिलान्यास मंगलवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं। 24 घंटे इलाज और इमरजेंसी की सुविधा भी यहां मिल सकेगी।
ये होंगी सुविधाएं
सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान एवं अस्पताल की स्थापना कैंसर से असाध्य रोगों के उपचार हेतु राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत किया जाएगा।
संस्थान के लिए स्वीकृत कुल प्रोजेक्ट व्यय 805.28 करोड़ एवं आवासीय ब्लाक के लिए स्वीकृत प्रोजेक्ट व्यय 30.75 करोड़ है।
30 शैया की रेडियेशन आन्कोलोजी एंव डे-केयर सेवाओं को आरम्भ करने हेतु 1 ऑपरेशन थियेटर, लाइनर एक्सीलेटर एवं सीटी स्कैन के साथ-साथ 54 बेड की सुविधा तत्काल, प्रारम्भ किये जाने हेतु आवश्यक व्यवस्था कर ली गई है।
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वर्तमान में स्थान विभिन्न विशिष्टताओं एवं संकाय सदस्यों के साथ क्रियाशील किया जा रहा है। ये विशिष्टताएं रेडियेशन ऑन्कोलॉजी (02), सर्जरीकल ऑन्कोलोजी (02), केडिकल ऑन्कोलोजी (01), गुइनेकोलोजिकल ऑन्कोलोजी (02), न्यूरोसर्जरी (02), प्लास्टिक सर्जरी (01), एनिस्थेशियोलॉजी (03), क्रिटिकल केयर मेडिसिन (01), हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (0), जनरल मेडिशिन (01), पेडियाट्रिक ऑन्कोलोजी (01), आथ्रोपेडिक्स (01), पैथोलॉजी (02), माइक्रोबायोलाजी (01), इमयूनो हेमोजेलाजी बल्ड ट्रान्सफशन (01), डेन्टिस्ट्री (01), पब्लिक हेल्थ (01), ई0एन0टी0 (01), रेडियोलॉजी हैं।
अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक उपकरणों एवं फर्नीचर का क्रय किया जा चुका है।
आधुनिक Linear Accelerator, CT scanner, Mobile X-ray इत्यादि का क्रय किया जा चुका है।
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ये होंगी सुविधाएं
सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान एवं अस्पताल की स्थापना कैंसर से असाध्य रोगों के उपचार हेतु राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत किया जाएगा।
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संस्थान के लिए स्वीकृत कुल प्रोजेक्ट व्यय 805.28 करोड़ एवं आवासीय ब्लाक के लिए स्वीकृत प्रोजेक्ट व्यय 30.75 करोड़ है।
30 शैया की रेडियेशन आन्कोलोजी एंव डे-केयर सेवाओं को आरम्भ करने हेतु 1 ऑपरेशन थियेटर, लाइनर एक्सीलेटर एवं सीटी स्कैन के साथ-साथ 54 बेड की सुविधा तत्काल, प्रारम्भ किये जाने हेतु आवश्यक व्यवस्था कर ली गई है।
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वर्तमान में स्थान विभिन्न विशिष्टताओं एवं संकाय सदस्यों के साथ क्रियाशील किया जा रहा है। ये विशिष्टताएं रेडियेशन ऑन्कोलॉजी (02), सर्जरीकल ऑन्कोलोजी (02), केडिकल ऑन्कोलोजी (01), गुइनेकोलोजिकल ऑन्कोलोजी (02), न्यूरोसर्जरी (02), प्लास्टिक सर्जरी (01), एनिस्थेशियोलॉजी (03), क्रिटिकल केयर मेडिसिन (01), हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (0), जनरल मेडिशिन (01), पेडियाट्रिक ऑन्कोलोजी (01), आथ्रोपेडिक्स (01), पैथोलॉजी (02), माइक्रोबायोलाजी (01), इमयूनो हेमोजेलाजी बल्ड ट्रान्सफशन (01), डेन्टिस्ट्री (01), पब्लिक हेल्थ (01), ई0एन0टी0 (01), रेडियोलॉजी हैं।
अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक उपकरणों एवं फर्नीचर का क्रय किया जा चुका है।
आधुनिक Linear Accelerator, CT scanner, Mobile X-ray इत्यादि का क्रय किया जा चुका है।
धान क्रय में किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए जिलाधिकारी होंगे जिम्मेदार
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों से सम्पूर्ण धान खरीदने तथा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य उन तक पहुंचाने के लिए कृत संकल्प है। मुख्यमंत्री इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को कल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि किसानों का धान समय से खरीदा जाय तथा किसानों को पूरा समर्थन मूल्य मिले ये जिलाधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
किसी भी जनपद/ मण्डल में कोई भी अधिकारी यदि इसमें ढिलाई बरतता है अथवा लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही भी करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि कल तक इस वर्ष अभी तक 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान क्रय किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इस समय तक केवल 10 हजार मीट्रिक टन धान क्रय किया गया था।
प्रधानमंत्री करेंगे संवाद
प्रधानमंत्री स्वनिधि कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री 27 अक्टूबर, 2020 को उप्र में 5 लाख से अधिक ठेले वाले, रेहड़ी वाले, खोखे वाले, खोमचे वालों से संवाद करेंगे। साथ ही प्रदेश के 651 नगर निगमों में लगभग 3 लाख रेहड़ी/ठेले/खोमचे व छोटे-छोटे 3 लाख से अधिक दुकानदारों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत ऋण वितरण करेंगे।
मिलेगा आयुष्मान भारत/ मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ
उत्तर प्रदेश के शासन स्तर पर इस योजना पर कार्यक्रम चल रहा है कि प्रदेश में गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले सभी परिवारों को समुचित चिकित्सीय सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी को आयुष्मान भारत/ मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ जोड़ा जाय। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में 1 करोड़ 18 लाख परिवार प्रदेश में आयुष्मान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं तथा इसके अतिरिक्त लगभग 8 लाख परिवार मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
इसके अतिरिक्त अभी भी प्रदेश में लगभग 2 करोड़ परिवार ऐसे हैं जो कि आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। सरकार इस योजना पर विचार कर रही है कि इन सभी 2 करोड़ परिवारों को भी आयुष्मान भारत/मुख्यमंत्री जन अरोग्य योजना से जोड़ा जाय इस हेतु आवश्यक प्रस्ताव व विचार-विमर्श प्रगति पर है।
किसी भी जनपद/ मण्डल में कोई भी अधिकारी यदि इसमें ढिलाई बरतता है अथवा लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही भी करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि कल तक इस वर्ष अभी तक 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान क्रय किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इस समय तक केवल 10 हजार मीट्रिक टन धान क्रय किया गया था।
प्रधानमंत्री करेंगे संवाद
प्रधानमंत्री स्वनिधि कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री 27 अक्टूबर, 2020 को उप्र में 5 लाख से अधिक ठेले वाले, रेहड़ी वाले, खोखे वाले, खोमचे वालों से संवाद करेंगे। साथ ही प्रदेश के 651 नगर निगमों में लगभग 3 लाख रेहड़ी/ठेले/खोमचे व छोटे-छोटे 3 लाख से अधिक दुकानदारों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत ऋण वितरण करेंगे।
मिलेगा आयुष्मान भारत/ मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ
उत्तर प्रदेश के शासन स्तर पर इस योजना पर कार्यक्रम चल रहा है कि प्रदेश में गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले सभी परिवारों को समुचित चिकित्सीय सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी को आयुष्मान भारत/ मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ जोड़ा जाय। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में 1 करोड़ 18 लाख परिवार प्रदेश में आयुष्मान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं तथा इसके अतिरिक्त लगभग 8 लाख परिवार मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
इसके अतिरिक्त अभी भी प्रदेश में लगभग 2 करोड़ परिवार ऐसे हैं जो कि आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। सरकार इस योजना पर विचार कर रही है कि इन सभी 2 करोड़ परिवारों को भी आयुष्मान भारत/मुख्यमंत्री जन अरोग्य योजना से जोड़ा जाय इस हेतु आवश्यक प्रस्ताव व विचार-विमर्श प्रगति पर है।