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यूपी: विकास प्राधिकरणों में 30 हजार करोड़ की घपले वाली याचिका में कैग होगा पक्षकार

Wed, 14 Jul 2021 02:35 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 14 Jul 2021 02:35 PM IST
सार

याचिका में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी में 30 हजार करोड़ के घपले की बात कही गई है। कहा गया है कि यह घपला समय-समय पर नियमों का उल्लंघन कर जमीनों की खरीद-फरोख्त के माध्यम से किया गया है।

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cag will be a party in 30 thousand scam.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने ग्रेटर नोएडा, नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली संबंधी नियत्रंक महालेखापरीक्षक (कैग) की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने व इसकी ईडी या सीबीआई से जांच कराए जाने के आग्रह वाली जनहित याचिका पर कैग को पक्षकार बनाने की अनुमति देकर नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

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इस याचिका में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी में 30 हजार करोड़ के घपले की बात कही गई है। कहा गया है कि यह घपला समय-समय पर नियमों का उल्लंघन कर जमीनों की खरीद-फरोख्त के माध्यम से किया गया है।
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न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश आरटीआई  एक्टिविस्ट अभिषेक त्रिपाठी की अधिवक्ता श्रेया चौधरी के जरिए दायर याचिका में पेश अर्जी पर दिया। इसमें तीनों प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इनके खातों की कैग आडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की गुजारिश की गई है। याचिका में कहा गया है कि कैग ने यह रिपोर्ट वर्ष 2018 में नोएडा, ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डवलेपमेंट अथॉरिटी और युमना एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी को उनके कमेंट के लिए भेजा था। कैग ने इस रिपोर्ट को फाइनल नहीं किया और इसलिए विधानसभा के पटल पर रखने के लिए राज्यपाल के समक्ष भी इसे प्रस्तुत नहीं किया गया।

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ईडी और सीबीआई से जांच के निर्देश देने का आग्रह किया

याचिका में प्राधिकरणों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी कोर्ट की निगरानी में ईडी और सीबीआई से जांच के निर्देश देने का आग्रह किया गया है। याची ने अर्जी दाखिल कर कैग को मामले में बतौर पक्षकार बनाने का आग्रह किया। इस पर प्रतिपक्षी वकीलों ने कोई आपत्ति नहीं की और कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर ली। साथ ही याची को तीन हफ्ते में कैग को पक्षकार बनाने संबंधी संशोधन याचिका में करने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि पक्षकार बनाए जाने की दशा में कैग को नोटिस जारी किया जाएगा। वह इस केस में प्रतिवादी नंबर-7 होगा।

उधर, सुनवाई के समय राज्य सरकार व पक्षकारों के अधिवक्ता पेश हुए। कोर्ट ने मामले में इससे पहले राज्य सरकार समेत प्राधिकरणों को पक्ष पेश करने का आदेश दिया था। अदालत ने याचिका को 16 अगस्त से शुरू होने वाले हफ्ते में सूचीबद्ध करने को कहा है।

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