फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   C grade for UP power companies in Uttar Pradesh.

UP News: इस बार भी करिश्मा नहीं दिखा पाईं प्रदेश की बिजली कंपनियां, वार्षिक रेटिंग में सी ग्रेड मिला

Mon, 17 Apr 2023 10:51 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 17 Apr 2023 10:51 AM IST
सार

यूपी की बिजली कंपनियों को वार्षिक रेटिंग में न्यूनतम अंक और सी माइनस ग्रेड मिला है। इस पर कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। रेटिंग खराब होने से ऊंची दर पर कर्ज मिलता है। खामियाजा उपभोक्ता भुगतते हैं।

विज्ञापन
C grade for UP power companies in Uttar Pradesh.
- फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तर प्रदेश में बिजली सुधार के तमाम प्रयास के बाद भी बिजली कंपनियां करिश्मा नहीं दिखा पाईं। ऊर्जा मंत्रालय की शाखा पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन की ओर की गई रेटिंग में कोई सुधार नहीं हुआ है। पिछली बार की तरह रेटिंग में इन कंपनियों को सी माइनस ग्रेड मिला है। कॉरपोरेशन के अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं, इतना जरूर कहते हैं कि रैंक तो बरकरार है।

विज्ञापन


ऊर्जा मंत्रालय हर साल पूरे देश की बिजली निगमों की रेटिंग कराता है। इसी आधार पर इन्हें लोन मिलता है। रेटिंग खराब होने पर महंगे दर पर लोन मिलता है जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है। वित्तीय मानक के अनुसार 75 अंक, कार्य प्रदर्शन में 13 अंक, आंतरिक वातावरण के लिए 12 अंक तय हैं। इस साल देश की 51 सरकारी बिजली कंपनियां रेटिंग में शामिल हुईं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - गुड्डू मुस्लिम के पास हैं अतीक के आईएसआई नेटवर्क के राज, आतंकी मॉड्यूल होने की आशंका
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - भाजपा ने पहले चरण की 99 नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार घोषित किए


85 से 100 अंक पाने वालों को ए प्लस, 65 से 85 अंक वालों को ए, 50 से 65 अंक पर बी, 35 से 50 अंक पर बी माइनस, 15 से 35 अंक पर सी, और 0 से 15 नंबर पर सी माइनस रेटिंग देने का नियम है। प्रदेश में वर्ष 2022 में पश्चिमांचल को सी रेटिंग मिली थी। केस्को, मध्यांचल, पूर्वांचल और दक्षिणांचल सी माइनस पर रहे। इस साल यही रेटिंग बरकरार है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश की बिजली कंपनियां सुधार करने में नाकाम साबित हुई हैं। मध्यांचल, केस्को, पूर्वांचल, दक्षिणांचल खुद को माइनस सी से बाहर नहीं निकाल पाईं। यह पूरी व्यवस्था पर सवाल है। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करते हुए सख्त कदम उठाने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed