{"_id":"65f73cc0fb450f27700f9553","slug":"bypoll-on-four-assembly-seats-in-uttar-pradesh-2024-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: विधानसभा की चार सीटों पर टिकटों को लेकर रस्साकसी तेज, तीन पर भाजपा और एक पर सपा का था कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: विधानसभा की चार सीटों पर टिकटों को लेकर रस्साकसी तेज, तीन पर भाजपा और एक पर सपा का था कब्जा
Mon, 18 Mar 2024 12:26 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 18 Mar 2024 12:26 AM IST
सार
लखनऊ पूर्व, ददरौल, गैसड़ी और दुद्धी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। टिकट को लेकर लखनऊ पूर्व सीट के लिए सबसे ज्यादा मारामारी है। इस सीट पर भाजपा नेता आशुतोष टंडन विधायक थे।
विज्ञापन
- फोटो : istock
विस्तार
लोकसभा चुनाव के साथ ही प्रदेश की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जाने की घोषणा के बाद अब भाजपा और सपा में इन सीटों पर उम्मीदवारी को लेकर रस्साकसी तेज हो गई है। जिन चार सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं, उनमें ये तीन सीटों लखनऊ पूर्व, ददरौल (शाहजहांपुर) व दुद्धी सुरक्षित (सोनभद्र) पर भाजपा और एक सीट गैसड़ी (बलरामपुर) पर सपा का कब्जा था ।
विज्ञापन
मालूम रहे कि लखनऊ पूर्व सीट भाजपा विधायक रहे आशुतोष टंडन ‘गोपाल’, ददरौल से भाजपा विधायक रहे मानवेन्द्र सिंह और गैसड़ी सीट सपा विधायक डॉ. शिव प्रताप यादव के निधन के बाद रिक्त हुई थी। जबकि दुद्धी से भाजपा विधायक रामदुलार गोंड को दुष्कर्म के एक केस में सजा होने की वजह से उनकी सदस्यता चली गई थी। इस वजह से इन चारों सीटों को रिक्त घोषित कर दिया गया है। अब इन सीटों पर ही उपचुनाव होने हैं। लिहाजा दोनों दलों में उम्मीदवारी को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इन सीटों पर चुनाव लड़ने के सभी संभावित दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली तक तार जोड़ने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
भाजपा में सबसे अधिक होड़
इन सीटों पर उम्मीदवारी को लेकर सबसे अधिक रस्साकसी भाजपा में दिखाई दे रही है। खास तौर से लखनऊ पूर्व की सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर होड़ मची है। सूत्रों के मुताबिक इस सीट के लिए प्रदेश संगठन की ओर से दिवंगत आशुतोष टंडन के भाई अमित टंडन और प्रदेश प्रवक्ता हीरो वाजपेई के नाम ही राष्ट्रीय संगठन को भेजे जाने की बात कही जा रही है। इसी प्रकार ददरौल सीट पर भी मानवेंद्र सिंह के बेटे अरविंद सिंह को चुनाव लड़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। दुद्धी सीट से रामदुलार के परिवार से तो अब तक किसी भी दावेदार का नाम सामने नहीं आया है। अलबत्ता जिले के स्थानीय दलित पदाधिकारियों में से ही किसी को चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही है। वहीं गैसड़ी सीट पर भी कब्जा करने के लिए भाजपा किसी दमदार उम्मीदवार की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
एसपी यादव के बेटे का चुनाव लड़ना तय
सूत्रों के मुताबिक गैसड़ी सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए सपा कोई चूक नहीं करना चाहती है। डॉ. शिव प्रताप यादव के बेटे को ही चुनाव लड़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि यदि सपा ने नया चेहरा उतारा तो लड़ाई कमजोर हो सकती है। एसपी यादव के बेटे को उतार कर सहानुभूति पाने की रणनीति है।