लखनऊ में ढही इमारत: दस मिनट में खाली कराई गईं अस्पतालों की इमरजेंसी, घायलों को भेजने में लगीं 16 एंबुलेंस
Building collapsed in Lucknow: लखनऊ में जैसे ही इमारत ढहने की सूचना आई जिला प्रशासन सक्रिय हो उठा। आनन-फानन सभी अस्पतालों की इमरजेंसी को खाली कराया गया।
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सरोजनीगनर के ट्रांसपोर्ट नगर में बिल्डिंग ढहने की सूचना बाद प्रशासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट किया था। आनन-फानन में इमरजेंसी को खाली कराया गया। विशेषज्ञों की टीम काे अस्पताल बुला लिया गया ताकि घायलों को भर्ती करने में किसी तरह की अड़चन न आए। ऐतिहात के तौर पर सभी अस्पतालों की इमरजेंसी में बेड रिजर्व रखे गए हैं।
शाम करीब साढ़े पांच बजे हादसे की सूचना सभी अस्पताल प्रभारियों को मिली थी। अस्पताल प्रभारियों ने इमरजेंसी खाली कराए जाने के लिए निर्देश दिए। बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु अस्पताल की इमरजेंसी को खाली करा लिया गया। हालांकि सभी घायल लोकबंधु भेजने का फैसला लिया गया। एंबुलेंस की मदद से सभी को लोकबंधु भिजवना शुरू हुआ। अस्पताल प्रशासन ने विशेषज्ञों की टीम संग रेजीडेंट डॉक्टरों को अस्पताल बुला लिया। जिनके जरिए मरीजों का इलाज शुरू किया गया। लोकबंधु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया इमरजेंसी के 15 बेड खाली कराने संग एक वार्ड भी खाली कराया गया था। जहां पर सभी को भर्ती करके इलाज मुहैया कराया गया।
घायलों को अस्पताल शिफ्ट कराने में लगी 16 एंबुलेंस
बिल्डिंग हादसे में घायल लोगों को अस्पताल शिफ्ट कराने के लिए करीब 16 एंबुलेंस लगाई थी। वहीं घटना स्थल पर सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. रवि पांडेय, डॉ. केडी मिश्रा, डॉ. एपी सिंह, चंदननगर सीएचसी प्रभारी समेत अन्य की टीम मौके पर मौजूद रहे। टीम ने हादसे में जख्मी लोगों को आनन फानन में लोकबंधु अस्पताल में शिफ्ट कराया।
हादसे में हुई छह की मौत
ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार शाम बारिश के दौरान शहीद पथ किनारे स्थित एक इमारत (हरमिलाप टावर) भरभराकर जमींदोज हो गया। हादसे में एक कारोबारी समेत छह की मौत हो गई। मलबे में दबे 25 लोगों को निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनका इलाज जारी है। मलबे में अभी कई और लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल और पुलिस की टीमें राहत-बचाव कार्य में देर रात तक जुटी रहीं।
आशियाना निवासी राकेश सिंघल का हरमिलाप ( ग्राउंड प्लस 2) टावर था। टावर के ग्राउंड फ्लोर पर आशियाना निवासी जसमीत साहनी (45) का मोबिल ऑयल और दूसरी मंजिल पर दवा का गोदाम था। पहली मंजिल पर मनचंदा का गिफ्ट सेंटर का गोदाम था।
शनिवार दोपहर तकरीबन साढ़े तीन बजे तेज बारिश शुरू हुई। करीब आधे घंटे बाद अचानक पूरी बिल्डिंग ढह गई। आसपास भगदड़ मच गई। सबसे पहले पुलिस मौके पर पहुंची। फिर दमकल और उसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की पहुंची टीमों ने राहत-बचाव शुरू किया। एक-एक कर 30 लोगों को निकाला गया। इसमें से कारोबारी जसमीत, पंकज, धीरेंद्र उर्फ धीरज व दो अन्य की मौत हो गई। अन्य घायलों का इलाज जारी है।
लोकबंधु अस्पताल में 22 घायल भर्ती, पांच केजीएमयू रेफर
बिल्डिंग हादसे में घायल हुए 22 लोग लोकबंधु अस्पताल में भर्ती हैं। जिनके इलाज के लिए डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की टीम लगी है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर ने बताया गंभीर रूप से जख्मी पांच को केजीएमयू रेफर किया गया है।
लोकबंधु में ये हैं भर्ती
राजेंद्र 25, भानु सिंह 22, शत्रुघ्न सिंह 60, शिवमोहन 38, प्रवीना 30, शांति देवी 65, आदर्श यादव 10, काजल यादव 14, आकाश कुमार 28, आकाश सिंह 24, विनोद यादव 45, आदित्य 21, आकाश कुमार 19, अनूप कुमार मौर्या 40, बहादुर 55, ओमप्रकाश 25, अज्ञात 35, हेमंत पांडेय 37, सुनील 28, दीपक कुमार 28, विनीत कश्यप 28, लक्ष्मी शंकर 25, अतुल राजपूत 25, नीरज 35 भर्ती हैं।
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