फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   builder arrested for fraud in lucknow

करोड़ों रुपये की ठगी में बिल्डर गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया ये सब सामान

Tue, 25 Feb 2020 05:37 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 25 Feb 2020 05:37 PM IST
विज्ञापन
builder arrested for fraud in lucknow
मुकेश सिंह - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ में एसटीएफ ने मल्टीलेवल मार्केटिंग के जरिये लोगों से 200 करोड़ रुपये ठगने वाले बिल्डर मुकेश सिंह को सोमवार को शहीद पथ के नीचे सुल्तानपुर रोड से दबोच लिया। वास्तुम इंफ्रालैंड इंडिया प्रा.लि. नाम से कंपनी बनाकर वह लोगों को 13 फीसदी हर महीने फायदा देने का लालच देकर निवेश कराता था। मोटी रकम मिलते ही वह दिल्ली चला गया। विभूतिखंड थाने में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।

विज्ञापन


प्रभारी एसएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि मुकेश सिंह मूलरूप से फर्रुखाबाद के अमृतपुर स्थित हरसिंहपुर का रहने वाला है। लखनऊ में उसने सरोजनीनगर के सैनिक हाउसिंग सोसाइटी में मकान बनवा रखा है।
विज्ञापन


उसने वास्तुम इंफ्रालैंड इंडिया प्रा.लि. नाम से कंपनी बनाई। वह कंपनी में चेयरमैन की हैसियत से था। मुकेश ने कुबूला कि ठगी में भाग चुकी कंपनी के पूर्व जीएम सिद्धार्थ उप्रेती उसके साथ काम करते थे। वहीं इसी कंपनी के अरशद व रवि यादव भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शाइन सिटी के दो पूर्व लीडर आसिफ व अजय गुप्ता भी कंपनी के निदेशक बने। वहीं रवि सरोज, आलोक शुक्ला, प्रवीन सिंह, विनय पाठक, विकास सिंह के जरिये लोगों से निवेश कराया गया।

एजेंटों को देता था 50 फीसदी तक कमीशन :

प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि मुकेश सिंह एजेंटों व निवेश कराने वालों को मोटा कमीशन देता था। जो जितना निवेश कराता था, उसे 50 प्रतिशत तक हिस्सा देता था।

लोगों से 200 करोड़ रुपये ठगने वाले बिल्डर मुकेश सिंह लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में ही अपने कार्यालय से प्रॉपर्टी के अलावा मुर्गी के दाना, मुर्गी चूजा हैचरी, मुर्गी अंडा का भी कारोबार करता था। उसने इन सभी की फैक्टरी लगा रखी है।

मुकेश ने पुलिस को बताया कि उसके पास करीब 150 बीघा जमीन है, जिस पर प्लॉटिंग कर रहा है। प्रभारी एसएसपी एसटीएफ के मुताबिक, मधुवन यादव के 11.02 लाख, अशोक यादव केे 16 लाख, तीर्थराज सेठ के 28.95 लाख, आनंद पांडेय के 55.97 लाख रुपये ठग लिए। 

इन लोगों से मुकेश व उसके एजेंटों ने कंपनी में मोटी रकम निवेश करने के बदले अच्छा मुनाफा का झांसा दिया था। पीड़ितों ने विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। टीम ने उसके पास से दो मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, एक लैपटॉप, एक मतदाता पहचान पत्र, एक हार्ड डिस्क, एक एसयूवी व 3250 रुपये नकदी बरामद किया है।

वहीं गिरफ्तारी की जानकारी होते ही विभूतिखंड थाने में सैकड़ाें निवेशक पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। करीब एक घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन के बाद वे शांत हुए।

पीसीओ पर करता था 600 रुपये माह की नौकरी

एसीपी विभूतिखंड आईपी सिंह के मुताबिक, आरोपी मुकेश सिंह ने बताया कि वह दस साल का था। उसी समय उसके पिता बदालीखेड़ा सरोजनीनगर में रहने लगे। पिता ट्रेडर्स का काम करते थे। उसने जनता इंटर कॉलेज आलमबाग में पढ़ाई शुरू की।

9वीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। पिता ने दबाव डाला तो दो साल बाद हाईस्कूल हरदोई से किया। पढ़ाई में मन नहीं लगा। उसने मौरंग मंडी कानपुर रोड पर नदीम के पीसीओ पर नौकरी शुरू की। उसे 600 रुपये प्रतिमाह मिलते थे।

दो साल नौकरी करने के बाद खुद का पीसीओ खोला। इसके बाद उसने गिफ्ट व परचून की दुकान भी खोल ली। 2005 में इलेक्ट्रिक का शोरूम खोल लिया।
 

50 लाख में बेची 10 लाख की जमीन

एसीपी आईपी सिंह के मुताबिक, मुकेश ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि उसने शहीद पथ पर 2006 में 10 लाख रुपये की जमीन लेकर 50 लाख रुपये में बेच दी। इसी साल उसकी शादी रिंकी सिंह से हो गई। साथ ही उसने प्रॉपर्टी डीलर बन गया।

उसने इसका काम शुरू किया। धीरे-धीरे रुपये जमा हो गए। 10 साल में 8 कंपनियां खोल डाली। इन कंपनियों में डायरेक्टर उसके परिवार के लोग ही थे। इसमें पत्नी रिंकी सिंह, पिता विशुन पाल सिंह, मां मुन्नी देवी को बनाया। वहीं वास्तुम इंफ्रालैंड इंडिया प्रा.लि. में मेरे साथ अजय राना भी निदेशक हैं। उनकी कंपनियाें के नाम करीब 150 बीघा जमीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed