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यहां बजट खत्म करने की लगी होड़
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 08 Feb 2014 11:26 AM IST
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एलडीए और पीडब्ल्यूडी राजधानी में अगले कुछ दिनों में 225 करोड़ रुपये के काम कराने का प्लान कर रहा है।
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इसमें अकेले एलडीए 150 करोड़ रुपये खर्च करेगा। आचार संहिता से पहले हर संभव एस्टीमेट पास करने की तैयारी चल रही है। इसमें एलडीए सबसे अधिक काम गोमती नगर विस्तार कालोनी में कराएगा।
दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी इस साल के अपने अधिकांश कार्यों के टेंडर कर चुका है। अब बस रायबरेली रोड के चौड़ीकरण का काम बाकी रह गया है। इसको भी अब जल्द ही शुरू किया जाना है। इसके अलावा लोहिया पथ का बचा हुआ काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
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150 करोड़ खपाएगा एलडीए
एलडीए ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 1100 करोड़ के बजट में अब तक मात्र 400 करोड़ का काम ही करवाया है। ऐसे में 50 फीसदी बजट तक पहुंचने के लिए एलडीए अगले 10 से 15 दिन में कम से कम 150 करोड़ रुपये के टेंडर जारी करने की तैयारी में लगा हुआ है।
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इसमें मुख्य रूप से चक गंजरिया, गोमती नगर विस्तार, कानपुर रोड, प्रियदर्शनी कॉलोनी, ट्रांस गोमती की विभिन्न सड़कों का विकास शामिल है।
75 करोड़ के काम पीडब्ल्यूडी कराएगा
पीडब्लयूडी करीब 300 करोड़ का बजट लखनऊ के लिए था। इसमें से 75 फीसदी खर्च किया जा चुका है। बाकी भी निस्तारित किया जाएगा। लगभग 75 करोड़ रुपये के काम अभी पीडब्ल्यूडी को और कराने हैं।
ये सारे काम 15 से 20 दिन के अंदर कराए जाएंगे। इसमें मुख्य रूप से रायबरेली रोड के चौड़ीकरण का काम शामिल है। कैंट सीमा की समाप्ति से लेकर शहीद पथ मोड़ तक सड़क का चौड़ी करण होगा। इसके अलावा कुछ पुलों के काम भी पीडब्ल्यूडी सेतु निगम के जरिए करवाएगा।
आवास विकास फरवरी में ही पास कर लेगा
आवास आयुक्त एमकेएस सुंदरम का मानना है कि लोकसभा चुनाव के चलते आवास विकास परिषद के बजट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उनका कहना है कि आवास विकास परिषद वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट को फ रवरी में ही पास कर लेगी। आगामी 18 फरवरी को होने वाली बैठक में इसको लेकर प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा।
चालू वित्तीय वर्ष में 1700 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। इसमें से करीब 60 प्रतिशत से अधिक बजट खर्च हो गया है। शेष बजट भी चालू वित्तीय वर्ष में खर्च हो जाएगा। जो पैसा बजट में है।
वह अधिकांश चालू योजनाओं का है। आचार संहिता लगने पर जमीन अधिग्रहण से संबंधित मामले ही लटक सकते हैं क्योंकि इनको लेकर कानूनी विवाद भी हो जाता है।
अवध विहार योजना में भी काम शुरू है इसलिए यहां पर नई बहुमंजिला आवासीय योजनाओं पर कोई फर्क नहीं आएगा।