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Budget 2026: यूपी के 12 हजार IT-BPO यूनिट्स को टैक्स से राहत, विदेशी सेवाओं पर GST खत्म; जानें कितना फायदा?
Mon, 02 Feb 2026 10:24 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 02 Feb 2026 10:24 AM IST
सार
Budget 2026: यूपी के 12 हजार आईटी–बीपीओ यूनिट्स को टैक्स से राहत मिलेगी। विदेशी सेवाओं पर 18% जीएसटी खत्म कर दी गई है। इससे सेवा निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, बुलंदशहर और झांसी को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
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Budget 2026: आईटी-बीपीओ यूनिट्स को टैक्स राहत
- फोटो : AI Generated
विस्तार
केंद्रीय बजट में किए गए अहम संशोधन से उत्तर प्रदेश के आईटी, बीपीओ और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ) सेक्टर को बड़ी राहत मिली है। जीएसटी कानून की धारा 13(8) से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। इससे विदेशी कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं पर लग रहा 18 प्रतिशत जीएसटी समाप्त हो जाएगा। इससे यूपी में सक्रिय हजारों आईटी और सेवा निर्यातक कंपनियों को सीधा लाभ मिलेगा।
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प्रदेश में वर्तमान में 12 हजार से अधिक आईटी, बीपीओ और केपीओ कंपनियां कार्यरत हैं, जो विदेशी क्लाइंट्स को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैक ऑफिस सपोर्ट, डेटा प्रोसेसिंग, कॉल सेंटर और रिसर्च सेवाएं प्रदान कर रही हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, बुलंदशहर और झांसी आईटी गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।
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प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही थी
अब तक जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 13(8) की व्याख्या को लेकर कई मामलों में विदेशी क्लाइंट को दी गई सेवाओं को ‘एक्सपोर्ट ऑफ सर्विस’ नहीं माना जा रहा था। इसके चलते कंपनियों को 18 प्रतिशत जीएसटी चुकाना पड़ रहा था और इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिफंड भी नहीं मिल पा रहा था। इससे आईटी कंपनियों की लागत बढ़ रही थी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही थी।बजट में प्रस्तावित संशोधन के बाद विदेशी कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं को स्पष्ट रूप से सेवा निर्यात की श्रेणी में रखा जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इससे यूपी की करीब 9 से 12 हजार बीपीओ–केपीओ इकाइयों को राहत मिलेगी। कर बोझ कम होने से निवेश, विस्तार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
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विवादों के समाधान का रास्ता भी साफ होगा
राज्य सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश के सेवा निर्यात को नई गति मिलेगी। अनुमान है कि अगले दो वर्षों में यूपी का आईटी सेवा निर्यात 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। साथ ही, लंबे समय से लंबित कर विवादों के समाधान का रास्ता भी साफ होगा।एसोसिएशन ऑफ जीएसटी ट्रिब्यूनल एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए धर्मेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि लंबे समय से बीपीओ और केपीओ कंपनियां जीएसटी कानून के इस प्रावधान को लेकर परेशान थीं। बजट में प्रस्तावित संशोधन से विदेशी कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी समाप्त हो जाएगा। इसका सीधा लाभ यूपी की हजारों आईटी कंपनियों को मिलेगा और प्रदेश डिजिटल इकॉनोमी में और मजबूत भूमिका निभा सकेगा।