एक दिन पहले मायावती की रैली कराने वाले पूर्व सांसद ने थामा भाजपा का दामन
सतीश चंद्र मिश्र ने अमर उजाला को बताया कि बृजेश पाठक के साले पूर्व एमएलसी गुड्डू त्रिपाठी और भाई राजेश पाठक को बसपा से पहले ही निकाला जा चुका है। ये एक्शन पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते लिया गया।
बता दें कि बृजेश बीएसपी से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं इसके अलावा बसपा से लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। बृजेश को मायावती का करीबी और सतीश मिश्र के बाद पार्टी का बड़ा ब्राह्मण चेहरा माना जाता है।
यहां बसपा से बर्खास्त वहां भाजपा में शामिल
उन्होंने कहा, बसपा से ब्राह्मणों को जोड़ने का काम मैंने ही किया है। बसपा में सर्वसमाज की उपेक्षा है।
बता दें कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर बृजेश पाठक के पार्टी छोड़ने की खबर आई थी मगर पाठक ने इस खबर को अफवाह बताते हुए खंडन किया था।
बृजेश ने कहा था कि ये किसी की बेहूदी शरारत है। लोग पार्टी को बदनाम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि बहनजी हमारी नेता हैं और हम उन्हीं के दिशा-निर्देशन में काम करेंगे।