BSP का आरोप, बलात्कार के लिए DGP जिम्मेदार
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बदायूं की घटना पर जमकर राजनीति हो रही है। पहले प्रदेश सरकार तो अब पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए जा रहे हैं, ऐसा ही आरोप बसपा नेता ने लगाया है।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और विधानमंडल दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बदायूं में दो नाबालिग लड़कियों की रेप के बाद हत्या के केस में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एएल बनर्जी के बयान ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।
उनका बयान अपराधियों, पुलिसकर्मियों को बचाने और घटना की दिशा मोड़ने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
मौर्य के अनुसार प्रदेश में इस तरह की घटनाओं के लिए डीजीपी और उनके सहयोगी जिम्मेदार हैं।
डीजीपी को हटाने की मांग
स्वामी प्रसाद मौर्य ने डीजीपी को पद से हटाने और उनके बयान को सीबीआई जांच का हिस्सा बनाने की मांग की।
विधानसभा सचिवालय परिसर स्थिति बसपा विधानमंडल दल के कार्यालय में रविवार को अखबारनवीसों से बातचीत में उन्होंने कहा कि डीजीपी ने सारी मर्यादाओं को ताक पर रख कानून की आंख में धूल झोंकने की कोशिश की है।
विवेचना और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर घटना, दोषी, अपराध और उसकी प्रकृति तय करना न्यायालय का काम है, न कि डीजीपी का।
उनके बयान से प्रदेश सरकार अपराधियों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। कहा सूबे में अपराधों की बाढ़ आई हुई है। हर रोज बलात्कार की दर्जनों घटनाएं हो रही है। इसके लिए डीजीपी और उनके मातहत जिम्मेदार हैं।
भाजपा-सपा में सांठगांठ
मौर्य ने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की दोस्ती पुरानी है।
यही वजह है कि बदायूं समेत कई रेप कांड और दादरी में भाजपा नेता और चेयरमैन पति विजय पंडित की हत्या के बाद भी राजनाथ ने अखिलेश सरकार के बार में कुछ नहीं कहा।
उन्हें यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए था। उनकी चुप्पी से भाजपा और सपा की सांठगांठ उजागर हो गई है।
यह था डीजीपी का बयान
डीजीपी एएल बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि क्राइम की वजह कुछ और भी हो सकती है। संपत्ति हथियाने या फिर ऑनर किलिंग की भी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।
घटना के 11 दिन बाद डीजीपी मीडिया के सामने आए थे उन्होंने एक किशोरी के साथ दुष्कर्म न होने की भी बात कही थी।
हालांकि उन्होंने इस मामले में सभी आरोपियों का नार्को व लाइव डिटेक्टर टेस्ट कराने का निर्णय लिया है।