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'बसपा अमीरों की पार्टी, टिकट सिर्फ पैसे वालों के लिए'

Mon, 16 Mar 2015 01:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 16 Mar 2015 01:42 AM IST
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BSP is the party of some rich people says Daddu Prasad.

बसपा से निष्कासित पूर्व कैबिनेट मंत्री दद्दू प्रसाद ने कहा कि पार्टी ने संघर्ष का रास्ता छोड़ दिया है, वहां सिर्फ पैसे वालों को ही टिकट दिया जाता है। बसपा को धन्ना सेठों की पार्टी बताते हुए कहा कि बहुजन समाज की आकांक्षाओं को देश स्तर पर नया संगठन बनाकर ही पूरा किया जा सकता है।

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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूंजीपतियों की कठपुतली बताया, तो सूबे में सपा राज को गुंडाराज। सामाजिक परिवर्तन मंच के संयोजक दद्दू प्रसाद राजधानी के नाट्य कला केंद्र में कांशीराम की 81वीं जंयती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने माधोगढ़ (बुंदेलखंड) में एक दलित की नाक काटने के मामले पर कहा कि बसपा के किसी नेता ने वहां इसके खिलाफ आवाज तक नहीं उठाई। सपा के राज में आम आदमी को इंसाफ नहीं मिल रहा है और सभी चुप हैं।
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वहीं दलित नेता प्रेम नारायण सचान ने देश के संसाधनों पर ब्राह्मणों का कब्जा होने का जिक्र करते हुए कहा कि देश में बहुजन आंदोलन पुनर्जीवित हो रहा है। पूर्व मंत्री वशीर उद्दीन, रिटायर्ड आईपीएस देवी सिंह अशोक और पूर्व सांसद इलियास आजमी ने कांशीराम के योगदान को याद किया।

2007 में धन्नासेठों के बल पर बनी थी बसपा सरकार

BSP is the party of some rich people says Daddu Prasad.

उन्होंने कहा कि 2007 में बनी बसपा की सरकार धन्नासेठों के बल पर बनी थी। इसलिए 1995 और 1997 की बसपा सरकारों ने जहां आम आदमी के लिए काम किया, वहीं मायावती सरकार बहुजन आंदोलन को एकदम भूल गई।

उन्होंने कहा कि दलित चिंतकों ने हमेशा दलित समाज का प्रधानमंत्री बनवाने का संकल्प लेने को कहा, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा सुप्रीमो मायावती इस नारे को भूल गईं।

बसपा में करोड़ से कम हैसियत वाले को टिकट नहीं
दददू प्रसाद ने कहा कि बसपा में एक करोड़ से कम हैसियत वाले को अब टिकट ही नहीं दिया जाता। यानी देश की 120 करोड़ जनता को बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनाव लड़ने की प्रक्रिया से बाहर कर दिया है।

सुरक्षित सीटों पर राजनीतिक दल कर्ज देकर प्रत्याशी को चुनाव लड़ाते हैं, बाद में वह दलितों के हित में काम करने के बजाय कर्ज देने वाले का बंधकर बनकर रह जाता है। उन्होंने वोट के साथ नोट देने की कांशीराम के नारे की जरूरत पर जोर दिया।

कांशीराम के सभी अनुयायी एक मंच पर आएं

BSP is the party of some rich people says Daddu Prasad.

बसपा के मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दाऊराम रत्नाकर ने कहा कि दलित समाज को ‘सस्ते काम और मुक्त यौन संबंधों’ से मुक्ति तभी मिलेगी, जब उनके पास अपनी जमीन हो।

जमीन पाने के लिए अपनी सरकार भी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि बसपा पूरी तरह से मनुवादी विचारधारा की गिरफ्त में आ गई है।

अलग-अलग राज्यों में बहुजनों के अलग-अलग संगठन बनाने से काम नहीं चलेगा। कांशीराम के सभी अनुयायियों को एक राष्ट्रीय मंच बनाकर आगे बढ़ना होगा।

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