लखनऊ विकास प्राधिकरण के सीमा विस्तार को मंजूरी, शामिल किए जाएंगे 45 गांव
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लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की सीमा का विस्तार होगा। बोर्ड ने लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (लीडा) क्षेत्र के 84 में से लखनऊ जनपद के 45 गांवों को एलडीए में शामिल करने को मंजूरी दे दी है।
उन्नाव जनपद में आने वाले 39 गांवों पर अलग से एलडीए बोर्ड विचार करेगा। अभी केवल 45 गांवों को ही एलडीए सीमा में शामिल करने का फैसला बोर्ड बैठक में हुआ। लीडा का गठन वर्ष 2005 में उद्योगों के विकास को हुआ था।
मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम की अध्यक्षता में शनिवार को हुई एलडीए की 167वीं बोर्ड बैठक में लीडा के 45 गांवों को शामिल करते हुए सीमा विस्तार का फैसला लिया गया। वीसी शिवाकांत द्विवेदी, डीएम अभिषेक प्रकाश, सचिव मंगला प्रसाद सिंह व अन्य विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में प्रस्ताव पर फैसला लिया गया।
सचिव का कहना है कि नियोजन विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि उन्नाव के 39 गांवों को शामिल करना अभी तकनीकी रूप से ठीक नहीं पाया गया है। इसमें बाहरी जनपद के अलावा भौगोलिक स्थिति भी मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। अभी पहले चरण में लखनऊ के सभी गांवों को ले लिया गया है। दूसरे चरण में उन्नाव के गांवों पर विचार होगा। कानपुर विकास प्राधिकरण ने उन्नाव के गांवों को किस तरह लिया, इसका भी परीक्षण कराया जा रहा है।
इन वजह से खत्म हो रहा लीडा
- आर्थिक स्थिति खराब
- काम करने के लिए पूंजी उपलब्ध नहीं
- उच्च दरों पर ब्याज का बोझ
- काम कराने के लिए मानव संसाधन की कमी
इन गांवों को किया जाएगा शामिल
मीरानपुर पिनवट, औसवां, बंथरा सिकंदरपुर, खांडेदेव, सराय शहजादी, बनी, पिपरसंड, रामनौरा, अंदापुर देव, गढ़ी चुनौटी, बेती, भौकापुर, दादूपुर, खसरवारा, पहाड़पुर, जहानाबाद, कुरौनी, नटकुर, किशुनपुर कौडिया, लोनहा, भटगांव, लतीफनगर, हरौनी, रहीमनगर पडियाना, हुलासखेडा, महदनामऊ, भटगांव पांडेय, मिर्जापुर लुट्टौवा, सैदपुर परही, धावापुर, चंद्रावल, रसूलपुर इठुरिया, परवर पूरब, परवर पश्चिम, जैतीखेड़ा, बिजनौर, शाहपुर गझिगवां, सरैया, नूरनगर मदरसा, बीबीपुर, नीवां, मखदूमपुर कैथी, खटोला, भागूखेड़ा, रतौनी।
अनियोजित कॉलोनियों में होगा सर्वे
मंडलायुक्त ने बैठक में यह भी आदेश दिया कि प्राधिकरण के सभी सात जोनों का अलग-अलग सर्वे कराया जाए। अभियंत्रण खंड यह रिपोर्ट बनाकर दे कि कितनी अनियोजित कॉलोनियां उनके यहां हैं। इन्हें वैध करने में क्या दिक्कतें हैं। इन्हें कैसे नियोजित किया जा सकता है। इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई एलडीए करे।
शहीद पथ के आसपास से हटाए जाएंगे कब्जे
मुकेश मेश्राम ने शहीद पथ के आस-पास की जमीनों से प्राथमिकता पर कब्जे हटवाने को कहा है। इसके लिए नगर निगम, एलडीए और प्रशासन के तहसीलदारों की टीम बनाई गई है। यह पुलिस औैर प्रशासन के सहयोग से कब्जे हटवाने का काम करेगी। सरकारी जमीनों से विशेष रूप से कब्जे हटाए जाएंगे।
दयानंद बाल सदन की जगह एम्यूजमेंट पार्क
एलडीए बोर्ड ने मोतीनगर में दयानंद बाल सदन से वापस मिलने वाली जमीन पर एम्यूजमेंट पार्क बनाने को मंजूरी दे दी है। वहीं, कब्जे में मौजूद 6.38 वर्गफीट जमीन में से 1.41 वर्गफीट दयानंद बाल सदन के उपयोग के लिए एलडीए देगा। बाकी जमीन पर पार्क और दूसरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बोर्ड की मंजूरी के बाद अब एलडीए जमीन वापस लेने की कार्रवाई शुरू करेगा।
अभियान चलाकर पार्किंग होंगी खाली
मुकेश मेश्राम ने एलडीए को नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस की मदद लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्वीकृत पार्किंगों को खाली कराने का अभियान शुरू करने को कहा है। एक मार्च से यह शुरू होगा। मंडलायुक्त खुद इसकी निगरानी करेंगे।